चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत की 91वीं जयंती पर किसानों ने किया नमन

बरेली में भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) ने चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत की 91वीं जयंती मनाई। किसानों के हक, संघर्ष और उनके विचारों को याद कर श्रद्धांजलि अर्पित की।

चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत की 91वीं जयंती पर किसानों ने किया नमन
HIGHLIGHTS:

कचहरी स्थित भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के कार्यालय पर मनाई गई 91वीं जयंती।

पदाधिकारियों ने माल्यार्पण कर किसान नेता के संघर्ष और विचारों को किया याद।

वक्ताओं ने किसान-मजदूरों के अधिकारों की लड़ाई जारी रखने का संकल्प दोहराया।

जन माध्यम
बरेली।
किसानों के हक, सम्मान और स्वाभिमान की लड़ाई को अपनी पहचान बनाने वाले स्वर्गीय चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत की 91वीं जयंती पर भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। कचहरी स्थित संगठन के कार्यालय पर आयोजित कार्यक्रम में किसान नेता के चित्र पर माल्यार्पण किया गया और पुष्प अर्पित कर उन्हें याद किया गया। इस दौरान मिठाइयां बांटी गईं। माहौल में सम्मान, अपनापन और उस शख्सियत के प्रति कृतज्ञता का भाव दिखाई दिया, जिसने किसानों की आवाज को मजबूती देने के लिए अपना जीवन समर्पित किया।

कार्यक्रम के दौरान आयोजित पंचायत की अध्यक्षता रामपाल यादव ने की, जबकि संचालन आमिर रजा ने किया। पंचायत को संबोधित करते हुए जिला प्रवक्ता हाजी एम. इकबाल एडवोकेट ने कहा कि चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत किसानों और मजदूरों के अधिकारों की आवाज उठाने वाले प्रमुख किसान नेता थे। उन्होंने भारतीय किसान यूनियन के माध्यम से किसानों और मजदूरों को संगठित किया और उन्हें अपने हक के लिए संघर्ष करने का रास्ता दिखाया।

उन्होंने कहा कि टिकैत का जीवन किसानों की समस्याओं, उनके सम्मान और उनके अधिकारों के लिए संघर्ष की मिसाल रहा। उनकी पहचान ऐसे नेता के रूप में रही, जिन्होंने खेतों में मेहनत करने वाले किसानों की आवाज को मजबूती से उठाया। उनके विचार आज भी किसान संगठनों को एकजुट होकर अपने अधिकारों के लिए खड़े होने की प्रेरणा देते हैं।

तहसील अध्यक्ष काशी प्रसाद ने कहा कि चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत के विचारों और संघर्ष की राह पर चलते हुए संयुक्त किसान मोर्चा ने कृषि कानूनों के विरोध में 13 माह तक आंदोलन किया। इसके बाद तीनों कृषि कानून वापस लिए गए। उन्होंने कहा कि यह संघर्ष किसानों की एकजुटता और अपने मुद्दों को लेकर लगातार आवाज उठाने के महत्व को दर्शाता है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि किसान और मजदूरों के अधिकारों की लड़ाई किसी एक दिन या आयोजन तक सीमित नहीं है। जब तक उनके सामने समस्याएं रहेंगी, संगठन उनके हक की आवाज उठाने के लिए आगे आता रहेगा। टिकैत की जयंती पर उन्हें याद करना उनके संघर्ष, विचारों और किसानों के प्रति समर्पण को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का अवसर भी है।

कार्यक्रम में मौजूद पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत को नमन करते हुए उनके बताए रास्ते पर चलने की भावना व्यक्त की। वक्ताओं के संदेश में किसानों और मजदूरों के हितों की रक्षा, संगठन की एकजुटता और अधिकारों के लिए शांतिपूर्ण एवं संगठित प्रयासों का संकल्प प्रमुख रहा।

इस मौके पर आमिर रजा, राजा, अताउल्लाह, रामपाल यादव, राकेश, इरशाद अली, आसिफ और समीर समेत अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।