एफआर इस्लामिया इंटर कॉलेज में मनाई गई सर सैयद अहमद खान की जयंती
बरेली के एफआर इस्लामिया इंटर कॉलेज में सर सैयद अहमद खान की जयंती मनाई गई। विद्यार्थियों के बीच निबंध प्रतियोगिता हुई और विजेताओं को पुरस्कृत किया गया।
एफआर इस्लामिया इंटर कॉलेज में सर सैयद अहमद खान की जयंती मनाई गई।
वक्ताओं ने आधुनिक शिक्षा, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और तर्कशीलता अपनाने पर जोर दिया।
निबंध प्रतियोगिता में रेहान प्रथम, साहिर खान द्वितीय और जुबैर रजा व नितिन संयुक्त रूप से तृतीय रहे।
जन माध्यम
बरेली। एफआर इस्लामिया इंटर कॉलेज में अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के संस्थापक सर सैयद अहमद खान की जयंती मनाई गई। इस अवसर पर प्रधानाचार्य तौकीर सिद्दीकी ने कहा कि सर सैयद का मिशन हिंदू-मुस्लिम सहित सभी वर्गों के लोगों को शिक्षित करना था। उन्होंने महसूस किया कि अंग्रेजी और विज्ञान की शिक्षा के बिना आधुनिक दौर में आगे बढ़ना संभव नहीं है। इसी उद्देश्य से उन्होंने मुस्लिम बच्चों को आधुनिक शिक्षा देने के लिए मोहम्मडन एंग्लो ओरिएंटल कॉलेज की स्थापना की, जो बाद में अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय बना।
आधुनिक शिक्षा और वैज्ञानिक सोच पर जोर
भौतिक विज्ञान के प्रवक्ता फरहान अहमद ने कहा कि कौमें अपनी तकदीर तलवार से नहीं, बल्कि तालीम, तर्क और चरित्र निर्माण से बदलती हैं। सर सैयद अहमद खान ने शिक्षा को सामाजिक परिवर्तन, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और प्रगति का सशक्त माध्यम माना। आज कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डिजिटल क्रांति और वैज्ञानिक अनुसंधान के दौर में उनके विचार और भी प्रासंगिक हो गए हैं।
उन्होंने कहा कि परंपराओं का सम्मान करते हुए आधुनिक ज्ञान अपनाना, तर्कशीलता विकसित करना और शिक्षा को प्रत्येक व्यक्ति तक पहुंचाना जरूरी है। सर सैयद को सच्ची श्रद्धांजलि उनके विचारों को जीवन में उतारना है।
निबंध प्रतियोगिता के विजेता सम्मानित
कार्यक्रम के तहत विद्यार्थियों के बीच निबंध प्रतियोगिता आयोजित की गई। इसमें कक्षा 11 के रेहान ने प्रथम, साहिर खान ने द्वितीय तथा जुबैर रजा और नितिन ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। प्रधानाचार्य तौकीर सिद्दीकी ने विजेता विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया।