बुलंदशहर: पुलिस भर्ती परीक्षा केंद्रों पर पहुंचे DM कुमार हर्ष और SSP दिनेश सिंह; सीसीटीवी और सुरक्षा चक्र का लिया जायजा

बुलंदशहर में यूपी पुलिस आरक्षी भर्ती परीक्षा के दौरान डीएम कुमार हर्ष और एसएसपी दिनेश कुमार सिंह ने विभिन्न केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। सीसीटीवी कैमरों और सुरक्षा व्यवस्था को जांचते हुए नकलविहीन परीक्षा संपन्न कराई।

बुलंदशहर: पुलिस भर्ती परीक्षा केंद्रों पर पहुंचे DM कुमार हर्ष और SSP दिनेश सिंह; सीसीटीवी और सुरक्षा चक्र का लिया जायजा
HIGHLIGHTS:

कड़ा पहरा: उत्तर प्रदेश पुलिस आरक्षी भर्ती परीक्षा को लेकर बुलंदशहर में प्रशासन अलर्ट; डीएम और एसएसपी ने खुद संभाली कमान।

कंट्रोल रूम की जांच: गांधी बाल निकेतन कन्या इंटर कॉलेज और जेपी जनता इंटर कॉलेज में सीसीटीवी कैमरों और लाइव वेबकास्टिंग की हुई सघन चेकिंग।

सख्त हिदायत: स्टेटिक और सेक्टर मजिस्ट्रेटों को दिए गए निर्देश—किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि या अनियमितता दिखने पर तुरंत हो कड़ा एक्शन।

जन माध्यम
बुलंदशहर । उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा आयोजित आरक्षी (कांस्टेबल) भर्ती परीक्षा को पारदर्शी, निष्पक्ष और नकलविहीन ढंग से संपन्न कराने के लिए बुलंदशहर जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आया। परीक्षा के दौरान जिले की कमान खुद आलाधिकारियों ने अपने हाथों में ली। इसी क्रम में जिलाधिकारी कुमार हर्ष एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) दिनेश कुमार सिंह ने संयुक्त रूप से विभिन्न संवेदनशील परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण कर सुरक्षात्मक और प्रशासनिक व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया।

प्रशासनिक अमला सबसे पहले नगर के प्रमुख परीक्षा केंद्रों में शुमार 'गांधी बाल निकेतन कन्या इंटर कॉलेज' और 'जेपी जनता इंटर कॉलेज' पहुंचा। अधिकारियों ने सीधे परीक्षा कक्षों की सुरक्षा में तैनात पुलिस बल को देखा और फिर सीधे कॉलेज के डिजिटल कंट्रोल रूम का रुख किया। अधिकारियों ने वहां स्थापित सीसीटीवी व्यवस्था का गहन अवलोकन किया और तकनीकी स्टाफ को हर एक कैमरे की लाइव फीड पर चौबीसों घंटे पैनी नजर रखने को कहा।

एक परीक्षा केंद्र के भीतर बने कंट्रोल रूम में खाकी वर्दी में मुस्तैद एसएसपी दिनेश कुमार सिंह और नागरिक कपड़ों में जिलाधिकारी कुमार हर्ष तकनीकी टीम के साथ कंप्यूटर स्क्रीन पर चल रही लाइव गतिविधियों को बेहद गंभीरता से देख रहे हैं। उनके साथ अन्य सेक्टर मजिस्ट्रेट और पुलिस बल के अधिकारी भी रिकॉर्ड और सुरक्षा चक्र की समीक्षा में जुटे दिखाई दे रहे हैं।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी कुमार हर्ष ने केंद्रों पर तैनात सेक्टर मजिस्ट्रेटों और स्टेटिक मजिस्ट्रेटों को स्पष्ट शब्दों में निर्देश दिए कि परीक्षा की शुचिता हर हाल में बरकरार रहनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि किसी भी स्तर पर जरा सी भी अनियमितता या संदिग्ध गतिविधि संज्ञान में आती है, तो बिना समय गंवाए तत्काल कठोर विधिक कार्रवाई अमल में लाई जाए।

परीक्षा केंद्रों के मुख्य द्वारों पर अभ्यर्थियों की त्रिस्तरीय सुरक्षा जांच (फिस्कल फ्रिस्किंग) की गई। उनके पहचान पत्रों के मूल सत्यापन और बायोमेट्रिक हाजिरी मिलान के बाद ही किसी को भी परिसर के भीतर प्रवेश की अनुमति दी गई। आलाधिकारियों के इस सघन निरीक्षण और रूट मार्च का असर यह रहा कि जनपद के सभी चिन्हित केंद्रों पर परीक्षा पूरी तरह से शांतिपूर्ण, व्यवस्थित और नकलविहीन माहौल में संपन्न होती पाई गई।