चिटफंड ठगी के आरोपी भाइयों पर अब गैंगस्टर एक्ट की तैयारी
बरेली-बदायूं में चिटफंड कंपनियों से ठगी के आरोप में जेल भेजे गए सूर्यकांत और शशिकांत मौर्य पर गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई की तैयारी है।
दोनों भाइयों पर बरेली और बदायूं में कुल नौ मुकदमे दर्ज हैं।
करीब 35 हजार लोगों से लगभग 800 करोड़ रुपये की ठगी का आरोप है।
तीसरे भाई समेत अन्य आरोपियों और संपत्तियों की भी पुलिस तलाश कर रही है।
जन माध्यम
बरेली। चिटफंड कंपनियों के जरिये हजारों निवेशकों से करोड़ों रुपये की ठगी के आरोप में जेल भेजे गए सगे भाई सूर्यकांत मौर्य और शशिकांत मौर्य की मुश्किलें अब और बढ़ने वाली हैं। पुलिस दोनों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की तैयारी में जुटी है। दोनों भाइयों पर बदायूं और बरेली में कुल नौ मुकदमे दर्ज हैं। आरोप है कि अलग-अलग कंपनियां खोलकर करीब 35 हजार लोगों से लगभग 800 करोड़ रुपये की रकम निवेश के नाम पर ली गई और बाद में उसे वापस नहीं किया गया।
एसएसपी अंकिता शर्मा के मुताबिक सूर्यकांत और शशिकांत के खिलाफ बदायूं में पांच तथा बरेली में चार मुकदमे दर्ज हैं। बदायूं कोतवाली में दर्ज तीन मामलों की विवेचना पूरी हो चुकी है और पुलिस न्यायालय में चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। दो अन्य मामलों की जांच अभी जारी है। पुलिस के अनुसार इन मामलों की विवेचना पूरी होने और चार्जशीट दाखिल होने के बाद दोनों भाइयों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी।
सात सितंबर को बदायूं पुलिस ने एसटीएफ गौतमबुद्धनगर के साथ संयुक्त कार्रवाई करते हुए दोनों भाइयों को लखनऊ के आलमबाग स्थित एक फ्लैट से गिरफ्तार किया था। अगले दिन दोनों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से जेल भेज दिया गया। पुलिस ने उनके कब्जे से लैपटॉप, डायरी और अन्य उपकरण भी बरामद किए थे। गिरफ्तारी के बाद अब बरेली पुलिस भी अपने स्तर से दर्ज मामलों में कार्रवाई आगे बढ़ा रही है।
पुलिस के मुताबिक बदायूं के अशोक सम्राट नगर निवासी शशिकांत मौर्य और सूर्यकांत मौर्य ने शहर के जालंधरी सराय में अमर ज्योति कंपनी लिमिटेड रजिस्टर्ड और अमर ज्योति यूनिवर्स निधि लिमिटेड नाम से कंपनियां संचालित की थीं। इसके अलावा बरेली के कटरा चांद खां में अमर ज्योति रुहेलखंड और अमर ज्योति हायर परचेज नाम से कंपनियां खोली गई थीं। आरोप है कि इन कंपनियों के माध्यम से लोगों को निवेश का भरोसा दिलाकर रकम जमा कराई गई। बाद में भुगतान नहीं किया गया और मामला सामने आने पर दोनों भाई फरार हो गए। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने हाईकोर्ट में खुद को दिवालिया घोषित कराने का प्रयास भी किया था।
बरेली पुलिस अब दोनों भाइयों को बी वारंट पर यहां लाने की तैयारी कर रही है। इसके लिए न्यायालय में अर्जी दाखिल की गई है। इस मामले में सोमवार को सीजेएम कोर्ट में सुनवाई होने की संभावना है। दोनों आरोपियों से जुड़े बरेली के मुकदमों की जांच को भी पुलिस आगे बढ़ा रही है।
पुलिस तीसरे भाई श्रीकांत, सूर्यकांत की पत्नी अर्चना मौर्य और विशुकांत की गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी है। साथ ही बरेली, बदायूं, पीलीभीत, शाहजहांपुर और उत्तराखंड में आरोपियों से जुड़ी संपत्तियों का पता लगाया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि संपत्तियों का ब्योरा जुटने के बाद नियमानुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
निवेशकों में कार्रवाई को लेकर उम्मीद जगी है कि ठगी से जुड़ी रकम और संपत्तियों का पता लगाकर कदम उठाया जाएगा। मामले में आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगी।