सात लाख का घर उजड़ा, मुआवजे को तरसी बुजुर्ग महिला

बीडीए की कार्रवाई में मकान ढहने के बाद रकम न मिलने का आरोप, प्लॉट बेचने वाले के खिलाफ बिथरी चैनपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज

सात लाख का घर उजड़ा, मुआवजे को तरसी बुजुर्ग महिला
HIGHLIGHTS:

पति की मौत के बाद मेहनत की कमाई से बनवाया था आशियाना

2017 में मकान ढहा, मुआवजे की रकम मिलने की उम्मीद भी टूटी

लंबे इंतजार के बाद पुलिस तक पहुंची 65 वर्षीय ऊषा, लगाए धोखाधड़ी के आरोप

जन माध्यम
बरेली। उम्र के उस पड़ाव पर, जब इंसान को सुकून की छांव और अपने घर की चारदीवारी सबसे ज्यादा सहारा देती है, 65 वर्षीय ऊषा के हिस्से में उजड़े आशियाने का दर्द और मुआवजे के लिए लंबा इंतजार आया। करीब सात लाख रुपये खर्च कर बनवाया गया मकान वर्ष 2017 में बीडीए की कार्रवाई में ढहा दिया गया। आरोप है कि जिस जमीन पर उन्होंने अपनी जिंदगी की जमा पूंजी लगाई, उससे जुड़ी जरूरी जानकारी उनसे छिपाई गई और मकान टूटने के बाद मिलने वाली मुआवजे की रकम भी उन्हें नहीं मिली। अब बुजुर्ग महिला की शिकायत पर बिथरी चैनपुर थाने में प्लॉट बेचने वाले प्रताप सिंह के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।

जोगी नवादा निवासी ऊषा के पति कमलदीप का वर्ष 2021 में निधन हो चुका है। पति के गुजर जाने के बाद जिंदगी की जिम्मेदारियों के बीच अपने घर को सुरक्षित ठिकाना समझने वाली ऊषा के लिए यह मामला अब भी एक अधूरी आस बना हुआ है। उनकी शिकायत के मुताबिक, उन्होंने 30 जुलाई 2015 को डोहरिया गांव निवासी प्रताप सिंह से 83.61 वर्गमीटर का प्लॉट खरीदा था। प्लॉट संख्या 75 पर करीब सात लाख रुपये खर्च कर मकान बनवाया। उन्हें उम्मीद थी कि इस घर में जिंदगी के बचे हुए साल सुकून से गुजरेंगे, लेकिन यह ख्वाब ज्यादा दिन कायम नहीं रह सका।

ऊषा का आरोप है कि प्लॉट बेचते समय प्रताप सिंह ने बीडीए से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी नहीं दी। वर्ष 2017 में बीडीए ने उनके बने बनाए मकान को ढहा दिया। जिस आशियाने की एक एक ईंट में उनकी मेहनत की कमाई लगी थी, वह आंखों के सामने मलबे में तब्दील हो गया। घर छिनने का दर्द अलग था, लेकिन उन्हें भरोसा था कि मकान के बदले मिलने वाली मुआवजे की रकम से कुछ राहत मिल सकेगी।

मुआवजे की आस में बीतता रहा वक्त

शिकायत में ऊषा ने आरोप लगाया है कि मकान ढहाए जाने के बाद प्रताप सिंह ने बीडीए से मुआवजे की रकम प्राप्त कर ली, लेकिन उन्हें उनका हिस्सा नहीं दिया। वह लंबे समय तक अपनी रकम मांगती रहीं। आरोप है कि हर बार इसी महीने पैसे देने का भरोसा मिलता रहा, मगर इंतजार खत्म नहीं हुआ। अब रकम खर्च हो जाने की बात कहकर भुगतान से इनकार किए जाने का आरोप है।

पुलिस से लगाई न्याय की गुहार

लगातार निराशा मिलने के बाद ऊषा ने 12 अक्टूबर  को बिथरी चैनपुर थाने में शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने प्रताप सिंह के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। शिकायत के साथ वर्ष 2015 के बैनामे का दस्तावेज भी लगाया गया है। महिला ने अपनी रकम वापस दिलाने की मांग की है। फिलहाल प्रताप सिंह का पक्ष सामने नहीं आया है। आरोपों की सच्चाई और मुआवजे की रकम से जुड़े तथ्यों का निष्कर्ष जांच के बाद ही सामने आएगा।