बागपत में खूनी तांडव: बड़ौत में टेंट व्यापारी और उसके इकलौते बेटे की गोली मारकर हत्या
बागपत के बड़ौत में 10 साल पुरानी भाई की हत्या का बदला लेने आए हिस्ट्रीशीटर वरुण लुहारी ने टेंट व्यापारी और उसके बेटे की गोली मारकर हत्या कर दी। वारदात के बाद आक्रोशित भीड़ ने वरुण को पीट-पीटकर मौत के घाट उतार दिया।
10 साल पहले हुई भाई कपिल की हत्या का प्रतिशोध लेने के लिए हिस्ट्रीशीटर वरुण लुहारी ने रची थी खूनी साजिश।
बड़ौत में दुकान के भीतर घुसकर अंधाधुंध फायरिंग; टेंट व्यवसायी सोहनलाल और उनके इकलौते बेटे विकास की मौके पर ही मौत।
वारदात कर भाग रहे मुख्य शूटर वरुण लुहारी को स्थानीय लोगों ने मौके पर दबोचा; जमकर हुई पिटाई के बाद अस्पताल ले जाते समय तोड़ा दम।
जन माध्यम बागपत (बड़ौत)। उत्तर प्रदेश के बागपत जनपद अंतर्गत बड़ौत कोतवाली क्षेत्र में मंगलवार शाम को एक सनसनीखेज वारदात से पूरा इलाका दहल उठा। पुराने मर्डर केस के प्रतिशोध में आए बदमाशों ने बाजार में स्थित एक दुकान के भीतर घुसकर टेंट व्यवसायी और उनके इकलौते बेटे की गोलियों से भूनकर निर्मम हत्या कर दी। इस दोहरे हत्याकांड से भड़के स्थानीय लोगों ने भाग रहे मुख्य हमलावर और इलाके के कुख्यात हिस्ट्रीशीटर को मौके पर ही दबोच लिया। उग्र भीड़ ने आरोपी की इस कदर पिटाई की कि मेरठ मेडिकल कॉलेज ले जाते समय उसने भी दम तोड़ दिया।
पुलिस से प्राप्त प्राथमिक जानकारी के अनुसार, बड़ौत कस्बा निवासी टेंट व्यवसायी सोहनलाल (60 वर्ष) और उनका इकलौता बेटा विकास (28 वर्ष) मंगलवार शाम करीब पौने छह बजे अपनी दुकान पर बैठे थे। इसी दौरान हथियारों से लैस होकर आए इलाके के नामी हिस्ट्रीशीटर वरुण लुहारी ने अपने साथियों के साथ दुकान पर धावा बोल दिया। बदमाशों ने दोनों को संभलने का मौका दिए बिना बेहद करीब से उन पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं, जिससे पिता-पुत्र की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
इस अंधाधुंध फायरिंग के दौरान वहां से गुजर रहा एक बाइक सवार राहगीर रोहित (निवासी पट्टी चौधरान) भी गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे उपचार के लिए तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
इस भीषण वारदात के पीछे की मुख्य वजह 10 साल पुरानी रंजिश बताई जा रही है। दरअसल, करीब एक दशक पहले वरुण लुहारी के भाई कपिल की हत्या कर दी गई थी। वरुण इसी हत्या का बदला लेने के लिए लंबे समय से घात लगाए बैठा था और उसने सोहनलाल के परिवार को इसके लिए जिम्मेदार मानते हुए इस खूनी स्क्रिप्ट को अंजाम दिया।
वारदात के बाद आक्रोशित जनता ने किया 'ऑन द स्पॉट' फैसला
व्यापारी और उसके नौजवान बेटे की सरेआम हत्या देखकर बाजार के अन्य दुकानदारों और स्थानीय नागरिकों का गुस्सा फूट पड़ा। गोलीबारी कर भाग रहे बदमाशों का पीछा करते हुए जांबाज भीड़ ने मुख्य सरगना वरुण लुहारी को चारों तरफ से घेरकर मौके पर ही दबोच लिया, जबकि उसके अन्य साथी भागने में सफल रहे।
गुस्साई भीड़ ने कानून को हाथ में लेते हुए वरुण लुहारी की लात-घूंसों और लाठियों से मौके पर ही बेरहमी से धुनाई शुरू कर दी। सूचना मिलते ही भारी पुलिस बल ने मौके पर पहुंचकर लहूलुहान वरुण को भीड़ के चंगुल से छुड़ाया और अत्यंत नाजुक हालत में उसे मेरठ मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर किया, लेकिन रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। एक ही शाम को तीन मौतों से पूरे बड़ौत क्षेत्र में तनाव का माहौल है, जिसके मद्देनजर बाजार में भारी पुलिस और पीएसी (PAC) बल तैनात कर दिया गया है। पुलिस फरार अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है।