कड़ाके की ठंड में शाही नगरपंचायत की लापरवाही उजागर, अलाव न जलने से लोग ठिठुरे

शाही नगरपंचायत क्षेत्र में अलाव न जलने से ठंड में आमजन बेहाल, मंडल अध्यक्ष ने एसडीएम से की शिकायत।

कड़ाके की ठंड में शाही नगरपंचायत की लापरवाही उजागर, अलाव न जलने से लोग ठिठुरे
HIGHLIGHTS:

➡️ कड़ाके की ठंड में शाही नगरपंचायत की लापरवाही सामने आई
➡️ नगर में कहीं भी अलाव जलते नहीं मिले
➡️ मंडल अध्यक्ष अनुरोध सिंह ने एसडीएम से की शिकायत
➡️ जिम्मेदार कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग
➡️ एसडीएम मीरगंज ने कार्रवाई का दिया आश्वासन

दीनानाथ कश्यप/ जन माध्यम

शाही,बरेली। कड़ाके की ठंड के बावजूद नगरपंचायत शाही क्षेत्र में अलाव की समुचित व्यवस्था न होने से आमजन को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ठंड से बचाव के लिए सरकार द्वारा स्पष्ट दिशा-निर्देश और बजट उपलब्ध कराए जाने के बावजूद नगर में कहीं भी अलाव जलते नजर नहीं आए, जिससे लोगों में नाराजगी व्याप्त है।

इस गंभीर लापरवाही को लेकर शाही मंडल अध्यक्ष अनुरोध सिंह ने उपजिलाधिकारी (एसडीएम) मीरगंज से शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने एसडीएम को प्रार्थना पत्र सौंपते हुए नगर में तत्काल अलाव जलाने की मांग की, साथ ही जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की भी मांग उठाई है। अनुरोध सिंह का कहना है कि नगरपंचायत के कर्मचारी दिन-प्रतिदिन लापरवाह होते जा रहे हैं और बिना शिकायत के उनके कान पर जूं तक नहीं रेंगती।

मंडल अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि जहां आसपास की अन्य नगरपंचायतों में ठंड से बचाव के लिए नियमित रूप से अलाव जलाए जा रहे हैं, वहीं शाही में लोग कड़ाके की ठंड में ठिठुरने को मजबूर हैं। उन्होंने बताया कि गुरुवार को उन्होंने पूरे नगरपंचायत क्षेत्र का दौरा किया, लेकिन किसी भी प्रमुख चौराहे या सार्वजनिक स्थान पर अलाव जलता नहीं मिला।

अनुरोध सिंह ने यह भी आरोप लगाया कि नगरपंचायत हर साल महज एक-दो दिन अलाव जलाकर खानापूर्ति कर लेती है और फिर पूरी सर्दी व्यवस्था ठप रहती है, जबकि सरकार की मंशा पूरे शीतकाल में अलाव और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की होती है। इस वर्ष भी हालात वही बने हुए हैं और अब तक अलाव के पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए हैं।

इस संबंध में जब उपजिलाधिकारी मीरगंज से बात की गई तो उन्होंने आश्वासन दिया कि शाही नगरपंचायत के अधिशासी अधिकारी से इस विषय में वार्ता कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। अब देखना यह है कि प्रशासन कब तक ठंड से जूझ रहे लोगों को राहत दिला पाता है।