बरेली पुलिस का ऑपरेशन सफाया, अपराधियों की शामत, जनता में राहत
1. क्राइम ग्राफ हुआ डाउन, पुलिस की पकड़ रही टाइट
बरेली। अगर आप आठ साल पहले बरेली की सड़कों पर निकलते, तो लूट और डकैती का खौफ आपको सताता। मगर, अब तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है। जिले की पुलिस ने अपराधियों की नकेल कस दी है और नतीजा- डकैती में 83% और लूट में 90% की गिरावट।
पिछले आठ सालों में सिर्फ डकैती और लूट ही नहीं, बल्कि कई गंभीर अपराधों में भी भारी गिरावट दर्ज की गई है। जिसमें हत्या 37%, दहेज हत्या 23%, गैर इरादतन हत्या 48%, हत्या की कोशिश 3%, बलवा 16% और गोहत्या 84% कम हुई है।
एसएसपी अनुराग आर्य का कहना है कि पुलिस ने अपनी कार्यशैली को अपराधमुक्त समाज के लक्ष्य के अनुरूप बदला है जिसका असर अब साफ दिख रहा है।बरेली पुलिस ने अपराधियों के लिए कानून का ऐसा स्क्रिप्ट तैयार किया है, जिसमें 261 मुठभेड़ हो चुकी हैं। इन मुठभेड़ों में 768 अपराधी धरे गए, 189 को गोली लगी और 3 अपराधी ढेर हुए हैं। इतना ही नहीं पुलिस ने 562 अपराधियों की नई हिस्ट्रीशीट खोलकर उन्हें कड़ी निगरानी में डाल दिया है। जिले में संगठित अपराध की कमर तोड़ने के लिए 156 गैंग्स को चिह्नित किया गया है। इनमें 56 गोकशी गैंग, 34 लूट गैंग, 18 डकैती गैंग और मादक पदार्थ तस्करी गैंग शामिल हैं।
बाकी इन सभी गैंग्स में कुल 736 अपराधी पंजीकृत किए गए हैं। पुलिस ने अपराध और अपराधियों पर ऐसा शिकंजा कसा है कि अब शहर में लोग बेखौफ होकर घूम सकते हैं। एसएसपी अनुराग आर्य का कहना है कि ये मुहिम आगे भी जारी रहेगी और अपराध के आंकड़े और नीचे जाएंगे।