खोई उम्मीदें लौटीं,वर्दी बनी सहारा
बरेली पुलिस ने एसएसपी अनुराग आर्य के निर्देश पर चलाए गए विशेष अभियान में 516 गुमशुदा मोबाइल उनके असली मालिकों को लौटाए। इस पहल ने लोगों का भरोसा फिर जगाया।
➡️ एसएसपी अनुराग आर्य के निर्देश पर विशेष अभियान
➡️ एसपी ट्रैफिक मोहम्मद अकमल खान की अहम पहल
➡️ 516 गुमशुदा मोबाइल असली मालिकों को लौटाए
जन माध्यम
बरेली। कभी जेब कटती है, कभी ट्रेन में मोबाइल छूट जाता है,और कभी भीड़ में हाथ से फिसलकर गिर जाता है। एक पल में इंसान का मोबाइल खो जाता है और उसके साथ खो जाती हैं ज़िंदगी की अनगिनत यादें मां की आवाज़, बच्चों की तस्वीरें, मेहनत की कमाई और अपनों से जुड़ा पूरा संसार। ऐसे ही टूटे दिलों और बुझी उम्मीदों को फिर से रोशन किया है, पुलिस ने।
एसएसपी अनुराग आर्य के संवेदनशील निर्देशों पर चलाए गए विशेष अभियान में एसपी ट्रैफिक मोहम्मद अकमल खान ने जिस मानवीय समझ और ज़मीनी सक्रियता के साथ कमान संभाली, वही इस सफलता की असली वजह बनी। नतीजा, 516 गुमशुदा मोबाइल फोन, करीब एक करोड़ रुपये मूल्य के, उनके असली मालिकों तक सुरक्षित लौटे, यह अभियान सिर्फ़ तकनीक का खेल नहीं था, बल्कि जज़्बे और जिम्मेदारी की मिसाल था। साइबर टीम,सर्विलांस सेल और थानों के कंप्यूटर ऑपरेटरों ने केंद्रीय उपकरण पहचान रजिस्टर पोर्टल के ज़रिए एक एक मोबाइल को तलाशा, मानो हर फोन के पीछे किसी परिवार की उम्मीद छुपी हो। दिन रात की मेहनत ने आखिरकार रंग दिखाया। बुधवार को फरवरी को रिजर्व पुलिस लाइन्स के रविन्द्रालय में जब एसपी ट्रैफिक मोहम्मद अकमल खान ने मोबाइल लौटाए, तो मंच पर सिर्फ़ फोन नहीं सौंपे गए लौटाई गईं मुस्कानें, राहत की सांसें और पुलिस पर फिर से जागा भरोसा। कई आंखें नम थीं, कई हाथ दुआओं के लिए उठे हुए थे।
एसएसपी अनुराग आर्य द्वारा अभियान में जुटी साइबर सेल टीमों को सम्मानित करना इस बात का सबूत है कि पुलिस के लिए आंकड़े नहीं, इंसान अहम हैं। अब तक 3648 मोबाइल, लगभग 7 करोड़ रुपये मूल्य के, वापस लौटाए जा चुके हैं। यह कहानी मोबाइल की नहीं यह कहानी भरोसे, इंसानियत और ज़िम्मेदार पुलिसिंग की है।