उत्तराखंड में शारदा और गंगा नदी कॉरिडोर बनेगा: सीएम धामी, बरेली में 29वें उत्तरायणी मेले का उद्घाटन करने पहुंचे थे सीएम धामी 

उत्तराखंड राज्य तेजी से विकास के पथ पर अग्रसर है। यहां की प्राकृतिक सुंदरता और धार्मिक महत्व, देश-विदेश से पर्यटकों और श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित करता है। इस दिशा में उत्तराखंड सरकार ने पर्यटन को बढ़ावा देने और धार्मिक स्थलों का सौंदर्यीकरण करने के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाएं बनाई हैं। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बरेली में आयोजित 29वें उत्तरायणी मेले के उद्घाटन कार्यक्रम में पहुंचे थे।

उत्तराखंड में शारदा और गंगा नदी कॉरिडोर बनेगा: सीएम धामी, बरेली में 29वें उत्तरायणी मेले का उद्घाटन करने पहुंचे थे सीएम धामी 
उत्तरायणी मेले में मंच से संबोधित करते उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी

बरेली। उत्तराखंड राज्य तेजी से विकास के पथ पर अग्रसर है। यहां की प्राकृतिक सुंदरता और धार्मिक महत्व, देश-विदेश से पर्यटकों और श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित करता है। इस दिशा में उत्तराखंड सरकार ने पर्यटन को बढ़ावा देने और धार्मिक स्थलों का सौंदर्यीकरण करने के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाएं बनाई हैं। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बरेली में आयोजित 29वें उत्तरायणी मेले के उद्घाटन कार्यक्रम में पहुंचे थे।

संस्कृति और परंपरा का उत्सव है उत्तरायणी मेला: सीएम धामी

 

सीएम धामी ने कहा कि उत्तरायणी मेला उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है।  यह मेला उत्तराखंड की संस्कृति, संगीत और परंपराओं को प्रस्तुत करता है। मेले में उत्तराखंड के कलाकारों ने लोक संगीत और नृत्य की अद्भुत प्रस्तुतियां दीं, जिन्होंने दर्शकों का मन मोह लिया। मुख्यमंत्री धामी ने अपने बचपन की यादों को ताजा करते हुए बरेली से अपने पुराने नाते का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि बरेली में आयोजित उत्तरायणी मेला उन्हें उत्तराखंड जैसा ही अनुभव कराता है। उन्होंने मेले को सफल बनाने के लिए आयोजकों और स्थानीय जनता को धन्यवाद दिया। उत्तरायणी मेले में उत्तराखंड की झलक दिखाने वाले स्टॉल लगाए गए थे, जिसमें खाने-पीने की विशेष चीजें और हस्तशिल्प के उत्पाद उपलब्ध थे। बच्चों के लिए झूले और अन्य मनोरंजन के साधन भी थे। तीन दिनों तक चलने वाले इस मेले में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।

गंगा और शारदा नदी कॉरिडोर का निर्माण

सीएम धामी ने हरिद्वार और ऋषिकेश में गंगा कॉरिडोर के निर्माण की योजना की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह कॉरिडोर मां गंगा के पवित्र घाटों का सौंदर्यीकरण करेगा और श्रद्धालुओं को एक अद्वितीय अनुभव प्रदान करेगा। इसी प्रकार शारदा नदी पर शारदा कॉरिडोर का निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस परियोजना का काम शुरू हो चुका है। शारदा कॉरिडोर के तहत घाटों का पुनर्निर्माण और सौंदर्यीकरण किया जाएगा।

धार्मिक पर्यटन का केंद्र बनेगा उत्तराखंड: सीएम धामी

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड के धार्मिक स्थलों का पुनर्निर्माण और सौंदर्यीकरण तेजी से किया जा रहा है। बाबा केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम में मास्टर प्लान के तहत कार्य हो रहे हैं। कुमाऊं क्षेत्र के मंदिरों को भी आकर्षक बनाने की प्रक्रिया जारी है। उन्होंने कहा कि इन प्रयासों के चलते उत्तराखंड में आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सरकार राज्य को डेस्टिनेशन वेडिंग के प्रमुख केंद्र के रूप में भी विकसित कर रही है। अब लोग विदेशी स्थानों पर विवाह और अन्य कार्यक्रम आयोजित करने की बजाय उत्तराखंड जैसे सुंदर और धार्मिक स्थलों पर अपनी खुशियां मनाएंगे। सीएम ने उत्तराखंड की हस्तशिल्प कला और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने का भी जिक्र किया। इन उत्पादों की मांग अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ रही है, जिससे राज्य की महिलाएं और स्थानीय कारीगर आर्थिक रूप से सशक्त हो रहे हैं।

कानूनी व्यवस्था को लेकर सख्त   

मुख्यमंत्री धामी ने राज्य में किए गए कानूनी सुधारों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में धर्मांतरण विरोधी कानून लागू किया गया है। इसके साथ ही दंगा रोधी कानून और नकल विरोधी कानून भी बनाए गए हैं। इन कानूनों के माध्यम से राज्य में शांति और निष्पक्षता सुनिश्चित की जा रही है। नकल माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए 100 से अधिक माफियाओं को जेल भेजा गया है।
उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने की प्रक्रिया भी तेजी से चल रही है। मुख्यमंत्री ने इसे देवभूमि के लिए गर्व का विषय बताया और कहा कि यह कानून समाज में समानता और न्याय की भावना को मजबूत करेगा।

खेल से युवाओं को बनायेंगे सशक्त

मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तराखंड में 28 जनवरी से 28वें राष्ट्रीय खेल आयोजन की शुरुआत होगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस कार्यक्रम का उद्घाटन करेंगे, जबकि समापन समारोह हल्द्वानी में आयोजित होगा।