यूपी पुलिस और एसयूवी के तहत 11 जून से राष्ट्रीय इंटर्नशिप प्रोग्राम होगा शुरू
यूपी पुलिस अमरोहा और श्री वेंक्टेश्वरा विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में 11 जून से राष्ट्रीय साइबर सिक्योरिटीज इन्टर्नशिप प्रोग्राम-2026 का आयोजन होने जा रहा है। प्रेसवार्ता में प्रतिकुलाधिपति डॉ. राजीव त्यागी ने इसकी विस्तृत रूपरेखा साझा की।
देश के 28 राज्यों और 8 केंद्रशासित प्रदेशों के 10,000 आवेदकों में से ऑनलाइन स्क्रीनिंग के जरिए चुने गए महज 850 होनहार अभ्यर्थी।
दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद, बेंगलुरु और गुरुग्राम के दो दर्जन से अधिक नामचीन साइबर एक्सपर्ट्स दो सप्ताह तक देंगे कड़ा प्रशिक्षण।
11 जून को यूनिवर्सिटी के डॉ. सी.वी. रमन सभागार में होने वाले उद्घाटन सत्र में चेयरमैन श्री सुधीर गिरि के साथ एडीजी बरेली जोन, आईजी और एसपी लाखन सिंह यादव करेंगे सीधा संवाद।
जन माध्यम
अमरोहा। डिजिटल युग में तेजी से बढ़ते साइबर अपराधों पर प्रभावी लगाम लगाने और देश की सुरक्षा प्रणाली को अभेद्य बनाने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश पुलिस और श्री वेंक्टेश्वरा विश्वविद्यालय ने एक बार फिर हाथ मिलाया है। अमरोहा पुलिस और वेंक्टेश्वरा संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में आगामी गुरुवार, 11 जून से दो सप्ताह के "राष्ट्रीय साइबर सिक्योरिटीज इन्टर्नशिप प्रोग्राम-2026" का भव्य शुभारंभ होने जा रहा है। इस प्रतिष्ठित प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन विश्वविद्यालय के डॉ. सी.वी. रमन सभागार में किया जाएगा, जहां देश के कोने-कोने से आए युवाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर के साइबर सुरक्षा गुर सिखाए जाएंगे।
इस मेगा ट्रेनिंग प्रोग्राम के संबंध में मंगलवार को विश्वविद्यालय के 'अब्दुल कलाम कॉन्फ्रेंस हॉल' में एक उच्चस्तरीय प्रेसवार्ता का आयोजन किया गया। प्रेस को संबोधित करते हुए विश्वविद्यालय के प्रतिकुलाधिपति डॉ. राजीव त्यागी ने बताया कि विगत चार वर्षों से यह शानदार साइबर सुरक्षा कार्यक्रम सफलतापूर्वक संचालित किया जा रहा है। इस बार का आयोजन और भी व्यापक है, क्योंकि इसमें देश के सभी 28 राज्यों और 8 केंद्रशासित प्रदेशों से लगभग 10,000 प्रतिभागियों ने ऑनलाइन आवेदन किया था। कड़े मूल्यांकन और स्क्रीनिंग के बाद केवल 850 सर्वश्रेष्ठ अभ्यर्थियों को इस विशेष प्रशिक्षण के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया है।
प्रेसवार्ता की उपलब्ध तस्वीर में मुख्य टेबल पर प्रतिकुलाधिपति डॉ. राजीव त्यागी माइक संभालकर पत्रकारों को संबोधित करते नजर आ रहे हैं, जबकि उनके साथ कुलपति प्रो. कृष्णकान्त दवे, वित्त निदेशक सी.ए. युवराज सिंह और कुलसचिव प्रो. पीयूष कुमार पाण्डेय भी मंच साझा कर रहे हैं।
डॉ. राजीव त्यागी ने रेखांकित किया कि दो सप्ताह तक चलने वाले इस सघन प्रशिक्षण सत्र में दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद, बेंगलुरु, चंडीगढ़ और गुरुग्राम जैसे टेक-हब्स से दो दर्जन से अधिक शीर्ष साइबर विशेषज्ञ और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी शामिल होंगे। ये विशेषज्ञ आधुनिक दौर के जटिल साइबर फ्रॉड्स, डेटा ब्रीच और हैकिंग जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए इन 850 अभ्यर्थियों को "राष्ट्रीय साइबर योद्धा" के रूप में तैयार करेंगे।
यूपी पुलिस की तरफ से अमरोहा के पुलिस अधीक्षक लाखन सिंह यादव के कुशल निर्देशन में इस पूरे कार्यक्रम को संचालित किया जा रहा है। वहीं, कार्यक्रम की मुख्य कोर्डिनेटर एवं संयोजक की जिम्मेदारी पुलिस उपाधीक्षक श्रीमती अंजलि कटारिया को सौंपी गई है।
संस्थान के अधिकारियों ने बताया कि दो सप्ताह की इस कठिन और तकनीकी ट्रेनिंग को सफलतापूर्वक पूरा करने वाले सभी अभ्यर्थियों को उत्तर प्रदेश पुलिस एवं श्री वेंक्टेश्वरा विश्वविद्यालय की ओर से एक संयुक्त सर्टिफिकेट के साथ 'तीन क्रेडिट' प्रदान किए जाएंगे। यह सर्टिफिकेट वैश्विक स्तर पर उनकी साइबर विशेषज्ञता और तकनीकी ज्ञान का एक पुख्ता प्रमाण होगा।
11 जून को होने वाली ओपनिंग सेरेमनी में संस्थान के संस्थापक अध्यक्ष श्री सुधीर गिरि के साथ एडीजी बरेली जोन, आईजी, डीआईजी, अमरोहा एसपी और अपर पुलिस अधीक्षक समेत एक दर्जन से अधिक आला पुलिस अधिकारी उपस्थित होकर देशभर से जुटे इन मेधावी बच्चों से सीधा संवाद स्थापित करेंगे। प्रेसवार्ता के दौरान डॉ. नीतू पंवार, डॉ. सुमन कुमारी, डॉ. आयशा वाहिद, डॉ. अंजलि भारद्वाज, विशाल शर्मा, मीडिया प्रभारी विश्वास राणा सहित मेरठ व अमरोहा परिसर के कई वरिष्ठ प्राध्यापक एवं प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।