सैंथल: ईरानी सुप्रीम लीडर अली खामनई की याद में 'जल्सा', सर्वधर्म आलिमों ने दी श्रद्धांजलि

सैंथल में तकी फाउंडेशन द्वारा ईरानी सुप्रीम लीडर अली खामनई की याद में जलसे का आयोजन। शिया, सुन्नी और हिंदू विद्वानों ने दी खिराज-ए-अकीदत। पूरी खबर जन माध्यम पर।

सैंथल: ईरानी सुप्रीम लीडर अली खामनई की याद में 'जल्सा', सर्वधर्म आलिमों ने दी श्रद्धांजलि
सैंथल में आयोजित जलसे के दौरान विद्वानों के संबोधन को सुनते गणमान्य नागरिक और श्रद्धालु।
HIGHLIGHTS:

तकी फाउंडेशन के तत्वावधान में सैंथल में आयोजित हुआ भव्य जलसा।

शिया, सुन्नी और हिंदू विद्वानों ने साझा मंच से अली खामनई को दी श्रद्धांजलि।

मौलाना रईस अहमद और पंडित विजय कुमार शर्मा सहित कई आलिमों ने किया खिताब।

सरफराज़ खान। जन माध्यम

सैंथल/बरेली (28 अप्रैल)। ईरानी सुप्रीम लीडर शहीद अली खामनई की याद में सैंथल में एक विशेष जलसे का आयोजन किया गया। तकी फाउंडेशन के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम की मुख्य विशेषता इसमें शिया, सुन्नी और हिंदू विद्वानों की भागीदारी रही, जिन्होंने एक साझा मंच से अपनी श्रद्धांजलि (खिराज-ए-अकीदत) पेश की।

जलसे को संबोधित करते हुए विश्वविख्यात विद्वान मौलाना रईस अहमद ने कहा कि आज पूरी दुनिया अली खामनई के योगदान को याद कर रही है और यह हमारी जिम्मेदारी है कि हम उनकी विरासत का सम्मान करें। कार्यक्रम में मशहूर हिंदू विद्वान पंडित विजय कुमार शर्मा ने भी अपनी अकीदत जाहिर की, जबकि सैयद शाहीन रज़ा जैदी ने काव्य पाठ के माध्यम से अपनी भावनाएं व्यक्त कीं।

इस दौरान मौलाना जिनान असगर, अशजे रज़ा जैदी और फरहत मियां सहित अन्य वक्ताओं ने "जिल्लत की जिंदगी से इज्जत की मौत बेहतर है" के संदेश पर जोर दिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता मौलाना रईस अहमद जार्चवी ने की, जबकि संचालन स्थानीय मौलाना आज़िम हुसैन ने किया। इस अवसर पर मौलाना इबाद, मौलाना तंजीम, मौलाना नुरुल हसन और मौलाना मुबीन हसन सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।