रबड़ फैक्टरी की जमीन पर एमएसएमई टाउनशिप की मांग

बरेली में एस. एंड सी. कर्मचारी यूनियन ने मंडलायुक्त को ज्ञापन देकर फतेहगंज पश्चिमी में प्रस्तावित एमएसएमई टाउनशिप के लिए रबड़ फैक्टरी की निष्प्रयोजित भूमि के इस्तेमाल का सुझाव दिया।

रबड़ फैक्टरी की जमीन पर एमएसएमई टाउनशिप की मांग
HIGHLIGHTS:

एमएसएमई टाउनशिप के लिए रबड़ फैक्टरी की निष्प्रयोजित जमीन इस्तेमाल करने का सुझाव।

यूनियन का दावा, इससे किसानों की जमीन के अधिग्रहण और सरकार की लागत में कमी आएगी।

मजदूरों के लंबित करीब 247 करोड़ रुपये के वैधानिक देयकों के निस्तारण की भी मांग।

जन माध्यम
बरेली।
दिल्ली हाईवे, फतेहगंज पश्चिमी में प्रस्तावित लघु, सूक्ष्म एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) टाउनशिप को लेकर एस. एंड सी. कर्मचारी यूनियन ने मंडलायुक्त को ज्ञापन सौंपा है। यूनियन ने टाउनशिप के लिए प्रस्तावित 125 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण सिंथेटिक्स एंड केमिकल्स लिमिटेड (रबड़ फैक्टरी) की निष्प्रयोजित पड़ी करीब 1170 एकड़ भूमि में से किए जाने का सुझाव दिया है।

यूनियन का कहना है कि इस विकल्प से किसानों की जमीन के अधिग्रहण की जरूरत नहीं पड़ेगी और सरकार की लागत भी कम हो सकती है। यूनियन के अनुसार फैक्टरी कॉलोनी में करीब 80 प्रतिशत बुनियादी ढांचा पहले से मौजूद है। इससे आंतरिक विकास पर प्रस्तावित करीब 240 करोड़ रुपये के खर्च में भी कमी आने की संभावना है। यूनियन ने कहा कि इससे सरकार को आर्थिक लाभ मिलने के साथ परियोजना के विकास में भी सुविधा होगी।

ज्ञापन में फैक्टरी के मजदूरों के लंबित वैधानिक देयकों के निस्तारण की मांग भी उठाई गई। यूनियन के अनुसार 19 जुलाई 2024 को लखनऊ में हुई बैठक में जिलाधिकारी बरेली ने मजदूरों की करीब 247 करोड़ रुपये की देनदारी बताई थी।

यूनियन ने बताया कि सिंथेटिक्स एंड केमिकल्स लिमिटेड की फैक्टरी 15 जुलाई 1999 को बंद हुई थी। करीब 1446 कर्मचारियों के क्लेम प्रस्तुत किए गए थे। यूनियन का दावा है कि इनमें से लगभग 1045 मजदूरों को जनवरी 2023 में क्लेम लेटर भेजे गए थे।

यूनियन ने शासन से एमएसएमई टाउनशिप के लिए रबड़ फैक्टरी की भूमि के इस्तेमाल संबंधी सुझाव पर विचार करते हुए प्रस्ताव को मंजूरी दिलाने तथा मजदूरों के लंबित वैधानिक देयकों का निस्तारण कराने की मांग की है।