भीषण सर्दी का कहर

शाही के नरखेडा में दो दिवसीय वॉलीबॉल टूर्नामेंट शुरू हुआ। सपा जिला सचिव रामबहादुर लोधी ने उद्घाटन कर खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया और मीरगंज में स्टेडियम बनवाने का वादा किया।

भीषण सर्दी का कहर
काल्पनिक फोटो
HIGHLIGHTS:

➡️ शाही के नरखेडा में दो दिवसीय विशाल वॉलीबॉल टूर्नामेंट का भव्य शुभारंभ।
➡️ सपा जिला सचिव रामबहादुर लोधी ने फीता काटकर किया आयोजन का उद्घाटन।
➡️ खिलाड़ियों को बताया देश की शान, ग्रामीण स्तर पर खेल आयोजनों पर दिया जोर।
➡️ सपा सरकार आने पर मीरगंज में आधुनिक स्टेडियम बनवाने का किया वादा।
➡️ ग्राम प्रधान छत्रपाल की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में उमड़ी खेलप्रेमियों की भारी भीड़।

घने कोहरे और ठिठुरन के बीच कक्षा 1 से 8 तक के स्कूल बंद

डेस्क/ जन माध्यम 
बरेली। यूपी में इस बार सर्दी ने मानो सारे पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। ठंड का कहर ऐसा कि सुबह होते ही घना कोहरा सड़कों पर चादर बनकर फैल जाता है और शाम ढलते ढलते ठिठुरन हड्डियों तक उतर जाती है।  समेत पूरे क्षेत्र में हालात इतने गंभीर हो गए कि आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित होने लगा है। देखा कई जगह बेहद कम हो गई है, जिससे सड़क और रेल यातायात भी प्रभावित हो रहा है। इन्हीं हालातों को देखते हुए डीएम अविनाश सिंह ने बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए सख्त लेकिन जरूरी फैसला लिया है। उनके निर्देश पर बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. विनीता ने बुधवार को आदेश जारी किया कि जिले में कक्षा एक से आठ तक के सभी सरकारी, सहायता प्राप्त और निजी विद्यालय अग्रिम आदेश तक बंद रहेंगे। आदेश में साफ कहा गया है कि अत्यधिक ठंड और घने कोहरे के कारण छोटे बच्चों का स्कूल आना-जाना जोखिम भरा हो सकता है। मौसम विभाग ने भी हालात को लेकर चिंता जताई है। विभाग ने अगले तीन दिनों के लिए घने कोहरे का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। पूर्वानुमान के अनुसार बरेली और आसपास के इलाकों में कोहरा और सर्द हवाएं बनी रहेंगी। पहाड़ी क्षेत्रों से चल रही ठंडी हवाएं तापमान को और नीचे गिरा सकती हैं, जिससे ठिठुरन और बढ़ने की आशंका है।
प्रशासन ने लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। अनावश्यक यात्रा से बचने, वाहन चलाते समय फॉग लाइट का प्रयोग करने और बच्चों व बुजुर्गों को ठंड से बचाने के निर्देश दिए गए हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि इस मौसम में लापरवाही बीमारियों को न्योता दे सकती है। कुल मिलाकर, सर्दी का यह दौर फिलहाल राहत देता नहीं दिख रहा। ऐसे में प्रशासन का यह कदम अभिभावकों के लिए राहत भरा है, वहीं जनता से अपील है कि सावधानी और सतर्कता ही इस ठंड से बचाव का सबसे बड़ा हथियार है।