रेलवे ट्रैक किनारे मिट्टी में मिला सेना का मोर्टार सेल, आर्मी और पुलिस ने कराया डिस्पोज

रेलवे ट्रैक किनारे मिट्टी में मिला सेना का मोर्टार सेल, आर्मी और पुलिस ने कराया डिस्पोज
HIGHLIGHTS:

1. 20 साल पहले इसी गांव में थी सेना की फायरिंग रेंज
2. सेना की टीम ने रात में ही किया डिफ्यूज
3. 2022 में भी मिला था हैंड ग्रेनेड

Bareilly News: सुभाषनगर थाना क्षेत्र में रामगंगा पुल से कुछ ही दूरी पर मंगलवार रात उस वक्त हड़कंप मच गया जब रेलवे ट्रैक के किनारे मिट्टी डालते वक्त मजदूरों को एक मोर्टार सेल मिला। सूचना पर पहुंची पुलिस और सेना के बम निरोधक दस्ते ने मोर्चा संभालते हुए देर रात इसे डिफ्यूज कर दिया।
सेना की जांच में पता चला कि यह मोर्टार सेल काफी पुराना और मिसफायर्ड था। माना जा रहा है कि इसे फायरिंग रेंज में अभ्यास के दौरान इस्तेमाल किया गया था और बाद में मिट्टी में दबा दिया गया होगा।

20 साल पहले इसी गांव में थी सेना की फायरिंग रेंज
रेलवे लाइन के किनारे जो मिट्टी डाली जा रही थी, वह कैंट क्षेत्र के कोनी प्रतापपुर गांव से लाई जा रही है। स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि करीब 20 साल पहले वहां सेना की फायरिंग रेंज हुआ करती थी। उस समय एक हादसे में कुछ लोग घायल हो गए थे, जिसके बाद रेंज को बंद कर दिया गया था। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि मिट्टी में दबा मोर्टार सेल वहीं से ट्रक के जरिए रेलवे ट्रैक किनारे पहुंच गया।

सेना की टीम ने रात में ही किया डिफ्यूज
मंगलवार रात करीब एक बजे मजदूरों को मिट्टी में संदिग्ध वस्तु दिखी। तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी गई। उन्होंने पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कराई। सेना की बम निरोधक यूनिट ने पुष्टि की कि यह मोर्टार शैल है, जो मिसफायर हो चुका है। बाद में उसे मौके पर ही निष्क्रिय कर दिया गया।

रेलवे पुलिस में मचा हड़कंप
घटना की जानकारी मिलते ही जीआरपी और आरपीएफ में हड़कंप मच गया, क्योंकि यह जगह रामगंगा पुल से महज कुछ मीटर की दूरी पर है, जो एक संवेदनशील जोन है।

2022 में भी मिला था हैंड ग्रेनेड
सुभाषनगर क्षेत्र में 2022 में भी खुदाई के दौरान एक हैंड ग्रेनेड मिला था। ऐसे में यह दूसरा मौका है जब क्षेत्र में इस तरह का विस्फोटक मिला है।

"यह मोर्टार सेना के इस्तेमाल में लाया गया प्रतीत होता है और मिट्टी में दबा दिया गया था। जांच की जा रही है कि यह किस यूनिट से जुड़ा था और किस परिस्थिति में वहां तक पहुंचा- अनुराग आर्य, एसएसपी बरेली।"