बरेली में सोने के लेन-देन पर विवाद, युवक फरार
बरेली के बिहारीपुर में सोने के वजन को लेकर विवाद, आरोप-प्रत्यारोप के बीच एक युवक फरार, पुलिस जांच में जुटी।
सोने के वजन को लेकर विवाद
पालिश और तैयार माल में अंतर का आरोप
युवक माल लेकर फरार
पुलिस जांच के बाद ही साफ होगी सच्चाई
शहाबुद्दीन। जन माध्यम
बरेली। सोने की चमक के पीछे छिपा विवाद जब सामने आता है, तो रिश्ते, भरोसा और लेन-देन सब सवालों के घेरे में आ जाते हैं। बिहारीपुर इलाके में ऐसा ही एक मामला चर्चा का विषय बना हुआ है।
शहर के बिहारीपुर क्षेत्र में सोने के लेन-देन को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। आरोप है कि सोना तैयार करने और पालिश के दौरान उसके वजन में अंतर आ गया, जिससे मामला उलझ गया और अब पुलिस जांच तक पहुंच गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बिहारीपुर बीबीजी मस्जिद निवासी अमित रस्तोगी उर्फ रानू को उनकी मां शशिबाला ने 27 फरवरी 2026 को करीब 83 ग्राम 150 मिली सोना चेन बनाने के लिए दिया था। यह सोना पंजाबी महल खन्नू मोहल्ला निवासी सोनू रस्तोगी को तैयार करने के लिए सौंपा गया।
बताया जा रहा है कि तैयार माल अंकुर रस्तोगी के माध्यम से अमित रस्तोगी तक पहुंचाया गया। इसके बाद अमित ने सोनू रस्तोगी को फोन कर बताया कि उसे 118 से 120 ग्राम के बीच वजन का सोना मिला है, जो मूल दिए गए सोने से काफी अधिक है। इसी अंतर ने पूरे मामले को विवाद में बदल दिया।
वहीं, पालिश का काम करने वाले नासिर और अजीम का कहना है कि रानू ने सोने को उनके पास पालिश के लिए भेजा था और छिलाई के लिए इसे अंकुर रस्तोगी को देने के निर्देश दिए थे। नासिर के अनुसार, उन्होंने 10 मार्च को सोना अंकुर रस्तोगी को सौंप दिया था।
मामला तब और पेचीदा हो गया जब आरोप लगा कि अंकुर रस्तोगी सोना लेकर बरेली छोड़कर फरार हो गया। इस संबंध में उसके परिजनों से पूछताछ की गई, लेकिन उन्होंने कोई ठोस जानकारी नहीं दी।
अब पूरे मामले में सोने के वजन, लेन-देन और जिम्मेदारी को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। दोनों पक्ष एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं और सच्चाई अभी परतों में छिपी हुई है।
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर कार्रवाई की जाएगी।
यह मामला एक बड़ा सवाल छोड़ जाता है क्या सोने के लेन-देन में पारदर्शिता की कमी ही ऐसे विवादों की जड़ है, या फिर इसमें कोई गहरी साजिश छिपी है? जांच के बाद ही सच सामने आ पाएगा।