आयुष्मान कार्ड के बावजूद अस्पताल पर नगद वसूली का आरोप
बरेली के खुशलोक अस्पताल पर आयुष्मान कार्ड के बावजूद मरीज से नगद वसूली का आरोप हालत गंभीर बताकर 24 घंटे का समय बताया गया जबकि मरीज अब स्वस्थ
आयुष्मान कार्ड के बावजूद नगद वसूली का आरोप
मरीज को 24 घंटे का मेहमान बताया गया
दूसरे अस्पताल में इलाज के बाद हुआ स्वस्थ
सीएमओ पर भी कार्रवाई न करने के आरोप
हसीन दानिश
जन माध्यम
बरेली। इलाज के नाम पर उम्मीद लेकर पहुंचे परिजन उस वक्त टूट गए जब उन्हें बताया गया कि मरीज के पास अब सिर्फ कुछ ही घंटे बचे हैं, लेकिन सच इससे बिल्कुल अलग निकला।
शहर के खुशलोक अस्पताल पर आयुष्मान भारत योजना के तहत इलाज कराने आए एक मरीज से नगद रकम वसूलने का गंभीर आरोप लगा है। परिजनों का कहना है कि आयुष्मान कार्ड देने के बावजूद अस्पताल ने नकद भुगतान की मांग की और मरीज की हालत को बेहद गंभीर बताकर 24 से 48 घंटे का समय बताया।
थाना किला क्षेत्र के मोहल्ला पंजाब पुरा निवासी प्रदीप मिश्रा को 23 मार्च को बुखार की शिकायत हुई थी। उन्होंने डॉक्टर को दिखाया, जिसके बाद उन्हें खुशलोक अस्पताल में भर्ती होने की सलाह दी गई। परिजन उन्हें स्टेडियम रोड स्थित अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां पहले इमरजेंसी में भर्ती किया गया और बाद में आईसीयू में शिफ्ट कर दिया गया।
आरोप है कि इलाज के दौरान जब खर्च की बात आई तो परिजनों ने आयुष्मान कार्ड दिया, लेकिन अस्पताल ने यह कहते हुए नकद पैसे से दवाइयां लाने को कहा कि कार्ड से भुगतान में समय लगेगा। परिजनों का कहना है कि इसी बहाने उनसे नगद वसूली की गई और एक दिन का बिल करीब ढाई लाख रुपये बना दिया गया।
मरीज की हालत को बेहद गंभीर बताते हुए परिजनों को 24 से 48 घंटे का समय बताया गया, जिससे घबराकर उन्होंने प्रदीप मिश्रा को वहां से दूसरे अस्पताल में भर्ती कराया। रुहेलखंड मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराने के बाद मात्र 12 घंटे में उनकी स्थिति में सुधार देखा गया और बाद में विनायक अस्पताल से उन्हें पूरी तरह ठीक बताकर घर भेज दिया गया।
वर्तमान में प्रदीप मिश्रा घर पर स्वस्थ हैं। इस पूरे घटनाक्रम के बाद परिजनों ने अस्पताल की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं और इसे पैसे वसूली का तरीका बताया है।
इस मामले में अस्पताल संचालक डॉ. विनोद पागरानी का कहना है कि मरीज जब उनके पास आया तो उसकी हालत गंभीर थी और डॉक्टरों की निगरानी में इलाज किया गया। उन्होंने बताया कि परिजनों के अनुरोध पर प्राइवेट रूम दिया गया, लेकिन बाद में हालत बिगड़ने पर आईसीयू में शिफ्ट करना पड़ा।
जिले में आयुष्मान कार्ड धारकों से निजी अस्पतालों द्वारा नगद वसूली के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। ओपीडी पर्चे और जांच के नाम पर भी पैसे लिए जाने की शिकायतें मिल रही हैं।
प्रदीप मिश्रा ने पूरे मामले की शिकायत मुख्यमंत्री तक पहुंचाई है। यह घटना आयुष्मान भारत योजना के क्रियान्वयन पर सवाल खड़े करती है और जरूरत है कि ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई कर गरीब मरीजों को राहत दी जाए।
बरेली में आयुष्मान कार्ड के बावजूद वसूली के ऐसे मामलों से लोगों में नाराजगी बढ़ रही है और मरीज खुद को असहाय महसूस कर रहे हैं।