मामूली विवाद में बुजुर्ग की पीट-पीटकर हत्या, दो समुदायों के बीच तनाव, पुलिस ने संभाला मोर्चा...

मामूली विवाद में बुजुर्ग की पीट-पीटकर हत्या, दो समुदायों के बीच तनाव, पुलिस ने संभाला मोर्चा...
प्रदर्शनकारियों को समझाते पुलिस के अधिकारी

बरेली। बारादरी थाना क्षेत्र की नीलकंठ कॉलोनी में एक (79) वर्षीय बुजुर्ग हरबंस लाल की हत्या ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गयी। मामूली कहासुनी से शुरू हुआ यह विवाद इस हद तक बढ़ गया कि बुजुर्ग को पीट-पीटकर मौत के घाट उतार दिया गया। घटना ने न केवल स्थानीय लोगों को आक्रोशित कर दिया है, बल्कि दो समुदायों के बीच तनाव की स्थिति भी पैदा कर दी।

घटना मंगलवार शाम की है जब हरबंस लाल के बेटे हेमंत लाल पड़ोस से आने वाली गंदगी और दुर्गंध को रोकने के लिए अपने घर की बाउंड्री के ऊपर फाइबर शीट लगवा रहे थे। पड़ोस में रहने वाले सगीर अहमद और उनके परिवार ने इस पर आपत्ति जताई और दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। कहासुनी में विवाद इतना बढ़ गया कि सगीर अहमद और उनके बेटे इमरान ने हरबंस लाल के साथ मारपीट शुरू कर दी। इस दौरान बुजुर्ग को गंभीर चोटें आईं। परिजन उन्हें तुरंत अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। जांच के बाद पुलिस ने सगीर अहमद और इमरान के खिलाफ हत्या और मारपीट की धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली है।

पुलिस अधीक्षक नगर मानुष पारीक ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और मामले की जांच की जा रही है। किसी भी स्थिति से निपटने के लिए क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। जिससे शहर में शांति व्यवस्था बनी रहे।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यह विवाद केवल फाइबर शीट लगाने का नहीं था, बल्कि इसके पीछे लंबे समय से चल रही अनबन थी। परिजनों के मुताबिक सगीर अहमद और उनका परिवार जानबूझकर विवाद को बढ़ावा दे रहा था। हरबंस लाल के बेटे हेमंत ने कहा हमने कभी नहीं सोचा था कि एक साधारण सा काम, इस तरह की घटना में बदल जाएगा।

घटना की सूचना पर विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक संगठनों ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। हिन्दू युवा वाहिनी ने इसे जिहादी मानसिकता विचार का होने के कारण हत्या कर दी गई है। वाहिनी के कार्यकर्ताओं ने बुधवार को घटनास्थल पर विरोध प्रदर्शन किया और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। दूसरी ओर क्षेत्र के मुस्लिम समुदाय के प्रतिनिधियों ने इस घटना को व्यक्तिगत विवाद का परिणाम बताया और अपील की कि इसे साम्प्रदायिक रंग न दिया जाए।