थम गया एक नेकदिल फौजी का सफर
सैंथल कस्बे के अली नकी फौजी का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया, उनके इंतकाल से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।
लंबी बीमारी के बाद अली नकी फौजी का निधन
मस्जिद से ऐलान होते ही घर पर उमड़ी भीड़
लोगों की खिदमत के लिए जाने जाते थे
खेड़ा कब्रिस्तान में सुपुर्द ए खाक किया गया
सरफराज़ खान। जन माध्यम
सैंथल। बरेली। सुबह की खामोशी उस वक्त सिसकियों में बदल गई जब मस्जिद के लाउडस्पीकर से एक दर्दभरी आवाज गूंजी और पूरे कस्बे को बता गई कि अब अली नकी फौजी इस दुनिया में नहीं रहे। यह खबर सुनते ही जैसे हर दिल भारी हो गया और कदम खुद ब खुद उनके घर की ओर बढ़ चले।
कस्बा वासी अली नकी फौजी का लंबे समय से चल रही बीमारी के बाद आज सुबह इंतकाल हो गया। वह करीब पचास वर्ष के थे। अपने पीछे वह पत्नी और बच्चों को रोता बिलखता छोड़ गए हैं। उनके जाने से परिवार ही नहीं बल्कि पूरे कस्बे में शोक की लहर दौड़ गई है।
जैसे ही उनके इंतकाल की खबर फैली, देखते ही देखते उनके घर पर लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। हर आंख नम थी और हर शख्स उन्हें याद कर रहा था। लोग उनके स्वभाव और उनके द्वारा किए गए नेक कामों को याद कर भावुक हो उठे।
मरहूम अली नकी फौजी बेहद गंभीर स्वभाव के इंसान थे और हमेशा लोगों की मदद के लिए आगे रहते थे। फौज से रिटायर होने के बाद उन्होंने राजनीति में कदम रखा और धीरे धीरे क्षेत्र के बड़े नेताओं के करीब पहुंच गए। हालांकि उन्होंने कभी किसी पद की इच्छा नहीं जताई, लेकिन बिना पद के ही उन्होंने समाज में खास पहचान और प्रभाव बनाया।
उनके इंतकाल से कस्बे में गहरा दुख है। लोगों का कहना है कि यह सैंथल के लिए एक बड़ी क्षति है, जिसकी भरपाई कभी नहीं हो सकेगी। आज ही उन्हें स्थानीय खेड़ा कब्रिस्तान में सुपुर्द ए खाक कर दिया गया।
नगर पंचायत अध्यक्ष कंबर एजाज शानू, विशाल केसर सिंह गंगवार, भुजेंद्र गंगवार, ताहिर अली जैदी, सरफराज खान सहित कई लोगों ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया और खिराज ए अकीदत पेश की।