स्मार्ट मीटर बना उपभोक्ताओं की परेशानी का कारण! भारतीय किसान यूनियन ने हटाने की उठाई मांग

बहेड़ी में भारतीय किसान यूनियन (महात्मा टिकैत) ने स्मार्ट मीटरों का विरोध करते हुए बिजली विभाग को ज्ञापन सौंपा और पुराने मीटर दोबारा लगाने की मांग की।

स्मार्ट मीटर बना उपभोक्ताओं की परेशानी का कारण! भारतीय किसान यूनियन ने हटाने की उठाई मांग
HIGHLIGHTS:

• स्मार्ट मीटर हटाकर पुराने मीटर दोबारा लगाने की मांग।

• बिजली बिल बढ़ने और अतिरिक्त शुल्क वसूले जाने का आरोप।

• मांग पूरी न होने पर आंदोलन की चेतावनी।

जन माध्यम
बहेड़ी/बरेली।
भारतीय किसान यूनियन (महात्मा टिकैत) ने बिजली विभाग द्वारा लगाए जा रहे स्मार्ट मीटरों का विरोध करते हुए अधिशासी अभियंता, विद्युत विभाग बहेड़ी को ज्ञापन सौंपा। संगठन का आरोप है कि जिन उपभोक्ताओं के घरों में पहले से सामान्य बिजली मीटर लगे थे, वहां उनकी सहमति के बिना स्मार्ट मीटर लगाए गए, जिसके बाद बिजली बिलों में अप्रत्याशित बढ़ोतरी देखने को मिल रही है।

ज्ञापन में कहा गया है कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद अनेक उपभोक्ताओं के बिजली बिल पहले की अपेक्षा काफी अधिक आ रहे हैं। संगठन का आरोप है कि समय पर बिल जमा करने के बावजूद कई बार उपभोक्ताओं की बिजली आपूर्ति बाधित कर दी जाती है तथा बिल जमा कराने के नाम पर अतिरिक्त शुल्क भी वसूला जा रहा है, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ रही है।

भाकियू नेताओं का कहना है कि जब उपभोक्ता अपनी शिकायत लेकर बिजली विभाग के अधिकारियों के पास पहुंचते हैं तो उनकी समस्याओं का समाधान करने के बजाय उन्हें टाल दिया जाता है। संगठन ने उपभोक्ताओं के हित में स्मार्ट मीटरों को तत्काल हटाकर पुराने मीटर दोबारा लगाए जाने की मांग की है।

भारतीय किसान यूनियन (महात्मा टिकैत) के प्रदेश महासचिव शोएब रजा ने चेतावनी दी कि यदि विभाग ने जल्द इस समस्या का समाधान नहीं किया तो संगठन धरना-प्रदर्शन और आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा, जिसकी जिम्मेदारी बिजली विभाग की होगी।

हालांकि, स्मार्ट मीटरों को लेकर लगाए गए आरोपों पर बिजली विभाग की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।