आधे घंटे की बारिश में डूबी व्यवस्था, यमुना में पहुंचा कचरा

मथुरा में पहली तेज बारिश ने नगर निगम की तैयारियों की पोल खोल दी। शहर में जलभराव से यातायात प्रभावित रहा, जबकि नालों का कचरा बहकर यमुना नदी में पहुंच गया।

आधे घंटे की बारिश में डूबी व्यवस्था, यमुना में पहुंचा कचरा
मथुरा में बारिश के बाद जलभराव और पानी में बेहकर आया कचरा।
HIGHLIGHTS:

• आधे घंटे की बारिश में शहर के कई इलाकों में दो फीट तक जलभराव हो गया।

• नालों का कचरा बहकर यमुना नदी पहुंचा, श्रद्धालुओं ने जताई नाराजगी।

• नगर निगम ने पंप सेट लगाकर पानी निकाला, कई घंटे बाद हालात सामान्य हुए।

जन माध्यम
बरेली।
मथुरा में मानसून की पहली तेज बारिश ने नगर निगम की तैयारियों की पोल खोल दी। महज आधे घंटे की बारिश के बाद शहर के कई इलाकों में दो फीट तक जलभराव हो गया, जिससे यातायात व्यवस्था घंटों प्रभावित रही। दोपहिया वाहन, ई-रिक्शा, ऑटो और चारपहिया वाहनों की आवाजाही कई स्थानों पर बाधित रही।

बारिश के दौरान नालों और सड़कों पर जमा कचरा बहकर सीधे यमुना नदी में पहुंच गया। विश्राम घाट सहित कई घाटों पर पूजा-अर्चना और स्नान के लिए पहुंचे श्रद्धालुओं ने यमुना में प्लास्टिक, पॉलीथिन और अन्य कचरा बहने पर चिंता जताई। लोगों का कहना था कि यदि बारिश से पहले नालों की समय पर सफाई और कचरा प्रबंधन की प्रभावी व्यवस्था की गई होती तो ऐसी स्थिति नहीं बनती।

शहर के निचले इलाकों और प्रमुख मार्गों पर जलभराव के कारण लोगों के घरों और दुकानों के सामने भी पानी भर गया। इससे स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।

सूचना मिलने के बाद नगर निगम की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचीं और पंप सेट की मदद से जलनिकासी शुरू कराई। कई घंटे की मशक्कत के बाद पानी का स्तर कम हुआ और दिन चढ़ने के साथ यातायात धीरे-धीरे सामान्य हो सका।

स्थानीय लोगों ने नगर निगम से वर्षा से पहले नालों की नियमित सफाई, ठोस कचरा प्रबंधन और यमुना को प्रदूषण से बचाने के लिए स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की।