मथुरा में सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर 10 संस्थान सील

मथुरा में प्रशासन ने फायर सेफ्टी और सुरक्षा मानकों की जांच के दौरान 6 कोचिंग संस्थान, 4 पुस्तकालय, एक होटल और एक रेस्टोरेंट के खिलाफ कार्रवाई की।

मथुरा में सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर 10 संस्थान सील
HIGHLIGHTS:

संयुक्त निरीक्षण अभियान में 6 कोचिंग संस्थान और 4 पुस्तकालय सील।

फायर एनओसी और आपातकालीन निकासी व्यवस्था में मिली गंभीर खामियां।

एक होटल और एक रेस्टोरेंट पर भी सीलिंग की कार्रवाई।

जन माध्यम
मथुरा। 
 जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह के निर्देश पर मथुरा प्रशासन ने बुधवार को शहर में संचालित कोचिंग संस्थानों, पुस्तकालयों, होटल और रेस्टोरेंटों के खिलाफ व्यापक निरीक्षण अभियान चलाया। संयुक्त टीम ने सुरक्षा मानकों और फायर सेफ्टी व्यवस्थाओं की जांच के दौरान कई गंभीर खामियां मिलने पर सख्त कार्रवाई की।

नगर मजिस्ट्रेट अनुपम कुमार मिश्रा, मुख्य अग्निशमन अधिकारी, मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण, आवास विकास परिषद और पुलिस बल की संयुक्त टीम ने स्टेट बैंक चौराहा, बीएसए कॉलेज और भूतेश्वर चौराहे के आसपास संचालित विभिन्न प्रतिष्ठानों का आकस्मिक निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान फायर सेफ्टी मानकों, आपातकालीन निकासी व्यवस्था, सुरक्षा उपकरणों और आवश्यक अनापत्ति प्रमाणपत्रों (एनओसी) की गहन जांच की गई। जांच में कई कोचिंग संस्थानों के पास फायर विभाग का एनओसी नहीं मिला, जबकि कुछ स्थानों पर आपातकालीन निकास मार्ग बंद या अत्यंत संकरे पाए गए।

सुरक्षा मानकों में गंभीर लापरवाही को देखते हुए नगर मजिस्ट्रेट ने मौके पर ही छह कोचिंग संस्थानों और चार पुस्तकालयों को सील करने के आदेश दिए। प्रशासनिक टीम ने तत्काल सीलिंग की कार्रवाई भी पूरी कराई।

अभियान के दौरान होटल और रेस्टोरेंटों की भी जांच की गई। फायर सेफ्टी और सुरक्षा मानकों में कमियां पाए जाने पर एक होटल और एक रेस्टोरेंट को भी सील कर दिया गया, जबकि अन्य प्रतिष्ठानों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं।

नगर मजिस्ट्रेट अनुपम कुमार मिश्रा ने कहा कि किसी भी व्यावसायिक प्रतिष्ठान में सुरक्षा मानकों से समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। सभी संचालकों को निर्देश दिए गए हैं कि फायर सेफ्टी, सुरक्षा और एनओसी से संबंधित सभी मानकों को पूरा करने के बाद ही प्रतिष्ठानों का संचालन करें।

प्रशासन ने जनपद के सभी व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से अपील की है कि वे सुरक्षा संबंधी नियमों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करें, ताकि किसी भी संभावित दुर्घटना से जनहानि को रोका जा सके।