किसानों का टोल माफ करना उनका हक: भानु, मुंडिया मुकर्रम टोल पर किसानों ने किया धरना प्रदर्शन
बहेड़ी, बरेली। उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की सीमा पर स्थित मुंडिया मुकर्रमपुर टोल प्लाजा एक बार फिर किसानों का आक्रोश देखने को मिला। भारतीय किसान यूनियन (भानु गुट) के नेतृत्व में किसानों ने टोल माफ कराने की मांग को लेकर जमकर प्रदर्शन किया। धरने के दौरान टोल प्लाजा कर्मियों और किसानों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। प्रदर्शन के बीच टोल प्लाजा से गुजरने वाले वाहनों ने बिना टोल चुकाए ही रास्ता पार किया, जिससे टोल कर्मियों में हड़कंप मच गया।
किसानों का कहना था कि टोल माफ करना उनका हक है, क्योंकि वे देश के अन्नदाता हैं। उनका तर्क था कि वीआईपी लोगों को टोल माफ किया जाता है, जबकि किसानों से मनमानी वसूली की जाती है। किसान नेताओं ने चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, वे टोल प्लाजा पर धरने से हटने वाले नहीं हैं।
एक किसान नेता ने तीखे स्वर में कहा, "हम देश की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं। अगर वीआईपी को टोल माफी दी जा सकती है, तो हमारे लिए क्यों नहीं? जब तक टोल माफी का निर्णय नहीं होता, हमारा संघर्ष जारी रहेगा।"
धरना प्रदर्शन शुरू होते ही टोल प्लाजा पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। टोल कर्मियों ने किसानों के दबाव के बीच पुलिस को सूचना दी। इस दौरान किसानों ने बिना टोल भुगतान किए वाहनों को निकलने दिया। प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन ने तुरंत भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया।
किसानों के आंदोलन के बीच मौके पर पहुंचे एसडीएम रत्निका श्रीवास्तव, सीओ अरुण कुमार और कोतवाल संजय तोमर ने स्थिति को संभालने का प्रयास किया। अधिकारियों ने किसानों से बातचीत की और उनकी समस्याओं को सुना।
काफी चर्चा और दबाव के बाद टोल प्लाजा के मैनेजर सर्वेश शर्मा ने किसानों को आश्वासन दिया कि उनकी गाड़ियों के नंबर नोट कर लिए जाएंगे और उन्हें टोल माफी दी जाएगी।
हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि अगर कोई फर्जी तरीके से झंडा लगाकर टोल माफी का दुरुपयोग करता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
टोल मैनेजर के इस आश्वासन के बाद किसानों ने धरना समाप्त कर दिया। हालांकि, किसान नेताओं ने चेतावनी दी कि अगर इस आश्वासन पर अमल नहीं किया गया, तो वे फिर से आंदोलन करेंगे। किसानों के प्रदर्शन के दौरान पुलिस बल की भारी तैनाती रही। अधिकारी यह सुनिश्चित करने में लगे रहे कि स्थिति शांतिपूर्ण बनी रहे। पुलिस की सतर्कता और प्रशासनिक हस्तक्षेप के चलते टोल प्लाजा पर कोई बड़ी हिंसा नहीं हुई।