शोक में डूबी विधवा को परिवार सहित दबंगो ने किया बेघर

बरेली के थाना बारादरी क्षेत्र में पति के देहांत के दो दिन बाद विधवा और उसके परिवार को घर से निकालकर कब्जा करने का आरोप। सीसीटीवी वीडियो में हथियार बुलाने और झूठे मुकदमे की कथित बातचीत का दावा।

शोक में डूबी विधवा को परिवार सहित दबंगो ने किया बेघर
शोक में डूबी विधवा को परिवार सहित दबंगो ने किया बेघर
शोक में डूबी विधवा को परिवार सहित दबंगो ने किया बेघर
शोक में डूबी विधवा को परिवार सहित दबंगो ने किया बेघर
HIGHLIGHTS:

➡️ पति के इंतकाल के 2 दिन बाद घर पर कब्जा
➡️ विधवा परिवार को मारपीट कर किया बेघर
➡️ वीडियो में हथियार बुलाने की कथित बातचीत
➡️ पुलिस जांच में जुटी, कार्रवाई का आश्वासन

सेय्यद शाहाबुद्दीन । जन माध्यम
बरेली।
थाना बारादरी क्षेत्र के माधोवाड़ी, ईंटपजो चौराहा में एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने संवेदनशील समाज को झकझोर दिया है। आरोप है कि पति के इंतकाल के महज दो दिन बाद एक बुजुर्ग विधवा और उसके परिवार को घर से मारपीट कर निकाल दिया गया और मकान पर जबरन कब्जा कर लिया गया।

पीड़िता श्रीमती खातून पत्नी स्व. इसरार खां के अनुसार उनका परिवार पिछले लगभग 40 वर्षों से उक्त मकान में रह रहा था। 06 फरवरी 2026 को उनके पति का देहांत हुआ। परिवार अभी शोक में ही था कि 08 फरवरी की सुबह करीब 9:30 बजे पड़ोस में रहने वाले नदीम, तसलीम उर्फ डम, फिरोज उर्फ कालू, आजाद उर्फ चड्डू, मो. रेहान सहित अन्य लोग कथित रूप से घर में घुस आए। आरोप है कि गाली-गलौज और मारपीट कर पीड़िता, उनके बेटे इमरान, बहू रूखसार और मासूम बच्चों को घर से बाहर कर दिया गया।

पीड़ित पक्ष का दावा है कि पूरा घरेलू सामान अब भी मकान के अंदर बंद है और आरोपितों ने दोबारा घर आने पर गोली मारने की धमकी दी है।

मामले को और गंभीर बनाता है वह सीसीटीवी वीडियो, जो पीड़ित परिवार के पास होने का दावा किया गया है। परिवार का कहना है कि फुटेज में आरोपित गली में खड़े होकर खुलेआम गाली-गलौज करते और लोगों को फोन कर बुलाते दिखाई दे रहे हैं। एक वीडियो में कथित तौर पर यह कहते सुना जा सकता है कि “जितने भी लड़के हैं, सबको फोन करो… तमंचे लेकर आ जाओ।” वहीं दूसरे वीडियो में थाने जाकर कपड़े फाड़कर झूठा आरोप लगाने जैसी बातचीत भी सुनाई देने का दावा किया गया है।

यदि वीडियो में यह बातें स्पष्ट रूप से दर्ज हैं, तो यह केवल मारपीट का मामला नहीं, बल्कि कानून व्यवस्था को खुली चुनौती देने जैसा प्रश्न खड़ा करता है।

पीड़ित परिवार का आरोप है कि जब वे शिकायत दर्ज कराने जा रहे थे, तब रास्ते में भी मारपीट की गई और प्रार्थना पत्र फाड़ दिया गया। नवासे के खिलाफ शांति भंग की कार्रवाई किए जाने का भी आरोप है।

आरोपित पक्ष पर अवैध गतिविधियों और पूर्व आपराधिक मामलों के भी आरोप लगाए गए हैं, हालांकि इनकी आधिकारिक पुष्टि पुलिस या प्रशासन की ओर से नहीं की गई है।

पति के निधन का दुख अभी कम भी नहीं हुआ था कि घर से बेदखली का आघात इस परिवार को दर-दर भटकने पर मजबूर कर गया। सवाल यह है कि क्या किसी भी संपत्ति विवाद का समाधान इस तरह लाठी और धमकी से होगा? यदि वीडियो में धमकी और उकसावे के दृश्य दर्ज हैं, तो क्या यह स्वतः संज्ञान का विषय नहीं बनता?

थाना पुलिस का कहना है कि प्रार्थना पत्र प्राप्त हुआ है और मामले की जांच की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार वीडियो और अन्य साक्ष्यों के आधार पर उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

अब देखना यह है कि शोक में डूबे इस परिवार को न्याय कब और कैसे मिलता है - और क्या कानून की पकड़ कथित दबंगई पर भारी पड़ती है या नहीं।