शाही में विवाहिता का ससुराल में प्रवेश रोका, पुलिस ने समझा-बुझाकर भेजा
शाही में विवाहिता रुकसार को बेटे से मिलने नहीं दिया गया, पुलिस ने समझाइश देकर शांत किया; सुलह की संभावना।
➡️ शाही में विवाहिता रुकसार का ससुराल में प्रवेश रोका गया
➡️ चार साल के बेटे से मिलने के लिए घंटों दरवाजे पर बैठी रही
➡️ ससुराल पक्ष ने दरवाजा अंदर से बंद किया
➡️ पुलिस ने पहुंचकर महिला को समझा-बुझाकर ननिहाल भेजा
➡️ थाने में दोनों पक्षों से बातचीत, सुलह की संभावना बनी
दीनानाथ कश्यप/ जन माध्यम
शाही (बरेली)। एक विवाहिता रुकसार अपने चार साल के बेटे को लेने शुक्रवार देर रात ससुराल पहुंची, लेकिन उसे घर के भीतर प्रवेश नहीं मिला। महिला घंटों घर के दरवाजे पर बैठी रही। सूचना मिलने पर मौके पर पुलिस पहुंची और स्थिति को नियंत्रित कर मामला शांत कराया।
जानकारी के अनुसार, रुकसार का निकाह दो साल पहले शाही थाने के गांव तुरसा पट्टी निवासी असलम से हुआ था। महिला ने आरोप लगाया कि ससुराल पक्ष उसे कम दहेज लाने के कारण निरंतर उत्पीड़ित करता रहा और दहेज की संतुष्टि नहीं होने पर दबाव बनाता रहा। इस मामले को लेकर ससुराल पक्ष पर पहले से ही न्यायालय में मुकदमा विचाराधीन है। महिला गर्भवती भी बताई जा रही है।
रुकसार ने बताया कि शुक्रवार देर शाम ठंड में ससुराल पहुँचकर घर के अंदर प्रवेश करने की कोशिश की, लेकिन ससुरालियों ने दरवाजा अंदर से बंद कर दिया। इसके बाद महिला घंटों बाहर बैठी रही। सूचना मिलने पर पुलिस तुरंत पहुंची और महिला को समझा-बुझाकर शांत कराया। महिला को उसके ननिहाल भेजा गया।
पुलिस ने शनिवार को दोनों पक्षों को थाने बुलाया ताकि बातचीत कर मामले को सुलझाया जा सके। महिला थाने पहुंची, लेकिन ससुराल पक्ष नहीं आया, जिससे उसे वापस लौटना पड़ा।
थानाध्यक्ष राजेश कुमार बैसला ने बताया कि महिला थाने आई थी, लेकिन दूसरा पक्ष उपस्थित नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों के बीच बातचीत के बाद मामले में सुलह की संभावना बनी हुई है।