जिले में बढ़ते सड़क हादसे, ट्रैफिक पुलिस ने चिन्हित किए 51 नए ब्लैक स्पॉट, सभी विभागों को दिए सुधार के निर्देश

जिले में बढ़ते सड़क हादसे, ट्रैफिक पुलिस ने चिन्हित किए 51 नए ब्लैक स्पॉट, सभी विभागों को दिए सुधार के निर्देश
मो. अकमल खान, एसपी यातायात, बरेली।
HIGHLIGHTS:

1. संकेतक, लाइट, ब्रेकर और कट बन रहे हादसों की वजह

बरेली। जिले में सड़क हादसों का सिलसिला थम नहीं रहा है। ट्रैफिक पुलिस ने हादसों पर लगाम लगाने के लिए 51 नए ब्लैक स्पॉट चिन्हित किए हैं। इन स्थानों पर सुधारात्मक कार्य कराए जाने के लिए एसपी ट्रैफिक मोहम्मद अकमल खान ने पीडब्ल्यूडी, नगर निगम, वन विभाग, सेतु निगम, एनएचएआई सहित सभी संबंधित विभागों को पत्र भेजा है।

एसपी ट्रैफिक ने बताया कि जिले में पहले से 45 ब्लैक स्पॉट चिह्नित हैं। अब हाईवे से लेकर शहर के भीतरी हिस्सों तक 51 नए खतरनाक स्थानों को ब्लैक स्पॉट की सूची में शामिल किया गया है। यहां सड़क डिज़ाइन की खामियां, तीव्र मोड़, बड़े पेड़, स्ट्रीट लाइट की कमी, ब्रेकर न होना, कट का गलत स्थान और अतिक्रमण जैसे कारणों से बार-बार हादसे हो रहे हैं।

पीडब्ल्यूडी से जुड़ी सबसे ज्यादा समस्याएं
पुलिस द्वारा भेजे गए पत्र में बताया गया है कि ब्लैक स्पॉट की सबसे अधिक समस्याएं लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) से जुड़ी हैं। इनमें सड़क की बनावट, ब्रेकर, संकेतक और मोड़ सुधारने जैसे काम शामिल हैं। वहीं नगर निगम, वन विभाग, नगर पंचायत और बिजली विभाग की लापरवाही भी हादसों का कारण बन रही है।

नाइट विजन कैमरे लगाने पर बनी थी सहमति, अब तक नहीं लगे
पिछले महीने सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में ब्लैक स्पॉट पर नाइट विजन कैमरे लगाने का निर्णय लिया गया था, लेकिन अब तक इन पर अमल नहीं हो सका। इसके अलावा ऑटो और ई-रिक्शा चालकों को अपने वाहन पर मोबाइल नंबर लिखवाने के निर्देश भी जारी हुए थे।

यहां हुए नए ब्लैक स्पॉट चिन्हित
चिह्नित ब्लैक स्पॉटों में बरेली सिटी स्टेशन, मथुरापुर चौराहा, फन सिटी के सामने पीलीभीत रोड, सिंधौली चौराहा दिल्ली रोड, भाखड़ा नदी पुल, रामपुर रोड, नैनीताल रोड, लखनऊ हाईवे, बदायूं रोड, नवाबगंज, बहेड़ी और फतेहगंज पश्चिमी तक कई हाई-रिस्क क्षेत्र शामिल हैं।

जल्द हो कार्रवाई, तभी थमेंगे हादसे
ट्रैफिक पुलिस ने सभी विभागों से इन खतरनाक स्थानों पर जल्द सुधारात्मक कार्य शुरू करने की अपील की है, ताकि हादसों पर रोक लगाई जा सके। विभागों को सुझाव दिए गए हैं कि वे संकेतक, स्ट्रीट लाइट, सही डिजाइन और ब्रेकर की व्यवस्था जल्द से जल्द सुनिश्चित करें।