फायर स्टेशन की देरी पर उठे सवाल

बरेली के रिछा ब्लॉक में फायर स्टेशन के लिए जमीन तय न होने पर सवाल, अग्निकांड के बाद मांग तेज हुई।

फायर स्टेशन की देरी पर उठे सवाल
HIGHLIGHTS:

दो हजार बीघा फसल जलने के बाद उठा मुद्दा

एक वर्ष में जमीन तय न होने पर सवाल

फायर स्टेशन न होने से बढ़ी नुकसान की आशंका

पीड़ित किसानों के लिए मुआवजे की मांग

इकरार। जन माध्यम
देवरनियां/रिछा/बरेली। जलती फसलों की लपटों के साथ उठती चीखों ने एक बार फिर उस कमी को उजागर कर दिया, जिसकी अनदेखी अब भारी पड़ रही है।

ब्लॉक रिछा के गांव बहादुरगंज और सिंगोती में सोमवार को हुए भीषण अग्निकांड में करीब दो हजार बीघा खड़ी गेहूं की फसल जलकर राख हो गई। इस घटना के बाद क्षेत्र में प्रस्तावित फायर स्टेशन का मुद्दा एक बार फिर जोर पकड़ने लगा है और प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं।

बताया जा रहा है कि रिछा ब्लॉक में फायर स्टेशन स्थापना की मांग पिछले एक वर्ष से लगातार की जा रही है, लेकिन अब तक प्रशासन जमीन तक चिन्हित नहीं कर सका है। इस देरी को लेकर स्थानीय लोगों और संगठनों में नाराजगी बढ़ रही है। लोगों का कहना है कि अगर समय रहते फायर स्टेशन बन गया होता, तो इतना बड़ा नुकसान टाला जा सकता था।

रिछा राइस मिलर एसोसिएशन के अध्यक्ष अतहर हुसैन नियाजी लंबे समय से इस मुद्दे को उठा रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से लेकर उच्च स्तर तक पैरवी की, लेकिन शुरुआती प्रक्रिया के बाद मामला ठंडे बस्ते में चला गया। उन्होंने राइस मिलों के आसपास या मंडी समिति की जमीन पर फायर स्टेशन स्थापित करने का सुझाव भी दिया था, जिस पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

क्षेत्र में पहले भी अग्निकांड की घटनाएं हो चुकी हैं। गत वर्ष अक्टूबर में रिछा कस्बे में एक व्यवसायी के मकान में लगी आग ने भारी नुकसान पहुंचाया था। इसके बावजूद फायर स्टेशन की दिशा में ठोस कदम न उठाए जाने से लोगों में असंतोष है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि रिछा में फायर स्टेशन न होने के कारण बहेड़ी से फायर ब्रिगेड की गाड़ियां बुलानी पड़ती हैं, जिससे समय पर मदद नहीं मिल पाती। रेलवे फाटक बंद होने की स्थिति में देरी और बढ़ जाती है, जिसका खामियाजा किसानों और आम लोगों को उठाना पड़ता है।

रिछा राइस मिलर एसोसिएशन ने इस अग्निकांड में पीड़ित किसानों के प्रति संवेदनाएं व्यक्त करते हुए उचित मुआवजे की मांग की है। अध्यक्ष अतहर हुसैन नियाजी ने कहा कि अगर फायर स्टेशन की प्रक्रिया समय पर पूरी हो जाती, तो नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता था।

उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि रिछा ब्लॉक में जल्द से जल्द जमीन चिन्हित कर फायर स्टेशन की स्थापना की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से होने वाले नुकसान को रोका जा सके। फिलहाल, इस घटना के बाद एक बार फिर क्षेत्र में फायर स्टेशन की आवश्यकता को लेकर आवाज तेज हो गई है।