माल्टा के राजदूत ने उर्फी रज़ा ज़ैदी को एम्बेसी में किया आमंत्रित

शहीद-ए-माल्टा हकीम सैयद नुसरत हुसैन की स्मृति में प्रस्तावित स्मारक को लेकर उर्फी रज़ा ज़ैदी को माल्टा एम्बेसी बुलाया गया।

माल्टा के राजदूत ने उर्फी रज़ा ज़ैदी को एम्बेसी में किया आमंत्रित
HIGHLIGHTS:

➡️ माल्टा के राजदूत का आमंत्रण
➡️ उर्फी रज़ा ज़ैदी को एम्बेसी बुलाया
➡️ शहीद-ए-माल्टा की स्मृति को पहल

सरफराज़ खान । जन माध्यम
सेंथल (बरेली)।
शहीद-ए-माल्टा हकीम सैयद नुसरत हुसैन साहब की स्मृति को चिरस्थायी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सामने आई है। यूरोपीय देश माल्टा के राजदूत मिस्टर रुबिन गूशी ने उर्फी रज़ा ज़ैदी को एम्बेसी में मुलाकात के लिए आमंत्रित किया है।

यह निमंत्रण शहीद-ए-माल्टा हकीम सैयद नुसरत हुसैन साहब की कब्र की मिट्टी, जिसे उर्फी रज़ा ज़ैदी माल्टा से लाए थे, को संरक्षित कर शहीद हकीम सैयद नुसरत हुसैन इंटर कॉलेज में स्मारक बनाए जाने के संबंध में दिया गया है। इस मुलाकात में हकीम सैयद नुसरत हुसैन साहब के वंशज एवं वर्तमान चेयरमैन सैयद आबिद हुसैन भी शामिल होंगे। प्रस्तावित स्मारक के लिए टर्किश सेमिटरी, मारसा (माल्टा) से लाई गई पवित्र मिट्टी को ऐतिहासिक धरोहर के रूप में सुरक्षित रखने पर चर्चा की जाएगी।

उधर, भारतीय जनता पार्टी के विधायक एवं उत्तर प्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री श्री राजेन्द्र सिंह पटेल ने भी इस आयोजन को अंतरराष्ट्रीय स्वरूप देने की पहल की है। उन्होंने माल्टा के राजदूत हिज़ एक्सीलेंसी मिस्टर रुबिन गूशी, इस्लामी गणराज्य ईरान के राजदूत हिज़ एक्सीलेंसी डॉ. मुहम्मद फतेह अली, तुर्की के राजदूत अली मूरत एरोजी़ तथा भारत के रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह को इस आयोजन में शामिल होने का औपचारिक निमंत्रण भेजा है।

इस पहल को ऐतिहासिक, शैक्षिक और सांस्कृतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। स्थानीय स्तर से लेकर अंतरराष्ट्रीय मंच तक इसे शहीद-ए-माल्टा की कुर्बानी को सम्मान देने वाला कदम बताया जा रहा है।