कमिश्नर और मेयर ने खादी  उत्सव का उद्घाटन 

कमिश्नर और मेयर ने खादी उत्सव का शुभारंभ किया, जहां स्थानीय कारीगरों व स्वदेशी उत्पादों ने प्रदर्शनी में खास आकर्षण बटोरा।

कमिश्नर और मेयर ने खादी  उत्सव का उद्घाटन 
HIGHLIGHTS:

➡️ स्थानीय कारीगरों के हुनर को बड़ा मंच
➡️ स्टॉलों पर देशभर के शिल्प की चमक
➡️ महापौर ने खादी खरीद को जनआंदोलन बनाने की अपील
➡️ क्रॉकरी, ब्रासवर्क, जरी और शॉलों की विशेष मांग
➡️ स्वदेशी उत्पादों के प्रति बढ़ता रुझान

मण्डल स्तरीय प्रदर्शनी में उमड़ा उत्साह, स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने की अपील

जन माध्यम 
बरेली।
बिशप मंडल इंटर कॉलेज ग्राउंड सोमवार को खादी और स्वावलम्बन की भावना से सराबोर हो उठा, जब मेयर डॉ. उमेश गौतम, कमिश्नर भूपेन्द्र एस. चौधरी और मुख्य विकास अधिकारी देवयानी ने फीता काटकर खादी एवं स्वावलम्बन उत्सव  का शुभारम्भ किया। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन के साथ शुरू हुई यह दस दिवसीय प्रदर्शनी 10 दिसम्बर तक चलेगी। कार्यक्रम की शुरुआत द्रौपदी कन्या इंटर कॉलेज की छात्राओं की सरस्वती वंदना और साहू गोपीनाथ कन्या इंटर कॉलेज के स्वागत नृत्य से हुई, जिसने मंच पर मौजूद अतिथियों और भारी संख्या में पहुंचे लोगों का मन मोह लिया। दोनों टीमों को अतिथियों द्वारा प्रशस्ति पत्र और ट्रॉफी देकर सम्मानित किया गया। प्रदर्शनी में देश के विभिन्न राज्यों के शिल्प, कला और उद्योग अपनी चमक बिखेर रहे हैं। खुर्जा की प्रसिद्ध क्रॉकरी, मुरादाबाद का ब्रास वर्क, कानपुर का लेदर उद्योग, वाराणसी की रेशमी साड़ियां, कश्मीर की गर्म शॉलें, बरेली का जरी व हैंडीक्राफ्ट, रामपुर का प्राकृतिक शहद, भदोही के कालीन, बीकानेर की भुजिया हर स्टॉल पर स्थानीय हुनर की अनोखी पहचान नजर आई। सूती रेशमी वस्त्र, हस्तनिर्मित खिलौने, मिट्टी कला, मूर्तियां और रेडीमेड परिधान विशेष आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।
महापौर डॉ. उमेश गौतम ने सभी स्टॉलों का अवलोकन करते हुए कहा कि स्थानीय उत्पादों की खरीद से कारीगरों को सीधा लाभ मिलता है और उनकी आय बढ़ती है। उन्होंने जनता से अधिक से अधिक खरीदारी करने और विभागीय योजनाओं का लाभ उठाने की अपील की। कमिश्नर भूपेन्द्र एस. चौधरी और मुख्य विकास अधिकारी देवयानी ने भी प्रदर्शनी की सराहना करते हुए खादी एवं ग्रामोद्योग उत्पादों को अपनाने पर जोर दिया।
परिक्षेत्रीय ग्रामोद्योग अधिकारी मनोज कुमार गुप्ता ने अतिथियों को अंगवस्त्र और चरखे की प्रतिकृति भेंट कर सम्मानित किया। इस आयोजन ने साबित किया कि स्वदेशी उत्पादों के प्रति जनता का रुझान लगातार बढ़ रहा है।