कांग्रेस का संगठन सृजन अभियान तेज़, लखनऊ में आयोजित कार्यशाला में पदाधिकारियों को दी गई विशेष ट्रेनिंग
1. शीर्ष नेतृत्व ने की कार्यशाला की अगुवाई
2. जमीनी स्तर तक अभियान के विस्तार की रूपरेखा
3. भविष्य की रणनीति: संगठन से सशक्त होगा आंदोलन
Lucknow News: उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने राजधानी लखनऊ के ऐतिहासिक गांधी भवन में आज एक विशेष संगठन सृजन कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का उद्देश्य प्रदेशभर में संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करना और पार्टी के नवनियुक्त पदाधिकारियों को प्रशिक्षण देना था।
इस कार्यशाला में कांग्रेस के कई दिग्गज नेता शामिल हुए। इसमें अविनाश पांडे राष्ट्रीय महासचिव एवं उत्तर प्रदेश प्रभारी,अजय राय प्रदेश अध्यक्ष, उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी,आराधना मिश्रा 'मोना' नेता विधान मंडल दल,पवन खेड़ा मीडिया विभाग प्रभारी, सुप्रिया श्रीनेत, इमरान प्रतापगढ़ी, अलका लाम्बा, धीरज गुर्जर, तौकीर आलम वरिष्ठ नेता एवं प्रभारीगण मौजूद थे। इन सभी नेताओं ने उत्तर प्रदेश के 75 ज़िलों से आए जिला समन्वयकों, जिला और शहर अध्यक्षों को कांग्रेस के संगठन सृजन अभियान के लक्ष्य, रणनीति और क्रियान्वयन की विस्तृत जानकारी दी।
इस दौरान मिर्जा अशफाक सकलैनी, अध्यक्ष, जिला कांग्रेस कमेटी बरेली ने कहा कि “अब पूरे जिले में नुक्कड़ सभाएं, चौपालें और जनसभाओं के माध्यम से कांग्रेस पार्टी की विचारधारा को आम जन तक पहुँचाया जाएगा। जनता को भाजपा सरकार की जनविरोधी नीतियों से अवगत कराते हुए कांग्रेस से जोड़ा जाएगा।”दिनेश दद्दा एडवोकेट, अध्यक्ष, महानगर कांग्रेस कमेटी ने बताया कि “महानगर के हर वार्ड में संगठन सृजन अभियान चलाया जाएगा। वार्ड अध्यक्षों और कमेटियों के माध्यम से घर-घर जाकर लोगों को कांग्रेस की नीतियों और सिद्धांतों की जानकारी दी जाएगी।”डॉ. के बी त्रिपाठी, पूर्व महापौर प्रत्याशी एवं समन्वयक, बदायूं ने कहा कि “कार्यशाला में वरिष्ठ नेताओं ने जिस तरह से अभियान के हर पहलू को विस्तार से समझाया, उससे यह स्पष्ट है कि यह अभियान 2027 विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के लिए एक निर्णायक मोड़ साबित हो सकता है।”प्रेम प्रकाश अग्रवाल, समन्वयक, आगरा एवं नि. प्रदेश उपाध्यक्ष ने कहा कि “इस अभियान से कांग्रेस पार्टी को न केवल सांगठनिक रूप से मज़बूती मिलेगी बल्कि जनता के बीच कांग्रेस की पकड़ भी पुनर्स्थापित होगी।”
इस कार्यशाला का प्रमुख उद्देश्य केवल सांगठनिक नियुक्तियाँ करना नहीं, बल्कि जन संवाद को सशक्त माध्यम बनाकर कांग्रेस की वापसी की नींव रखना है। पूरे उत्तर प्रदेश में वार्ड स्तर तक पार्टी को जीवंत और सक्रिय बनाना अब कांग्रेस नेतृत्व की प्राथमिकता बन चुकी है। पार्टी पदाधिकारियों को सोशल मीडिया, जनसंपर्क, क्षेत्रीय मुद्दों, और भाजपा सरकार की विफलताओं को उजागर करने के लिए प्रशिक्षित किया गया। हर ज़िले में फीडबैक सिस्टम और साप्ताहिक समीक्षा बैठकें अनिवार्य रूप से करने की योजना भी बनाई गई।
भविष्य की ओर बढ़ता कांग्रेस संगठन
यह संगठन सृजन कार्यशाला एक सामूहिक ऊर्जा और प्रतिबद्धता का प्रदर्शन रही, जिसमें कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं ने मिलकर संगठन के पुनर्निर्माण का संकल्प लिया। यह कार्यशाला भाजपा के डबल इंजन सरकार की नीतियों के विरुद्ध एक वैकल्पिक राजनीतिक आवाज़ को मज़बूती से खड़ा करने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।