दरोगा भर्ती परीक्षा का सच जानने ग्राउंड पर उतरे एसएसपी अनुराग आर्य, रिजर्व पुलिस लाइन्स में कड़े सुरक्षा निर्देश
बरेली रिजर्व पुलिस लाइन्स में यूपी पुलिस उपनिरीक्षक भर्ती के दस्तावेज सत्यापन और शारीरिक मानक परीक्षण का एसएसपी अनुराग आर्य ने औचक निरीक्षण कर पारदर्शिता बरतने के कड़े निर्देश दिए।
यूपी पुलिस भर्ती बोर्ड द्वारा आयोजित 4,543 दरोगा पदों की भर्ती प्रक्रिया का सच जानने खुद ग्राउंड जीरो पर पहुंचे एसएसपी अनुराग आर्य।
बायोमेट्रिक्स सत्यापन से लेकर शारीरिक माप-तौल की डिजिटल प्रणालियों और सीसीटीवी कैमरों की बारीकी से जांच की गई।
कड़क मिजाज कप्तान ने साफ किया कि पूरी प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर धांधली या कोताही बर्दाश्त नहीं होगी, निष्पक्षता ही एकमात्र पैमाना है।
सैय्यद शहाबुद्दीन/जन माध्यम
बरेली। उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा आयोजित उपनिरीक्षक नागरिक पुलिस एवं समकक्ष पदों की 4,543 रिक्तियों को भरने की कवायद अब अपने अंतिम और सबसे महत्वपूर्ण चरण में पहुंच चुकी है। भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त बनाए रखने के लिए सोमवार को बरेली के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य अचानक रिजर्व पुलिस लाइन्स स्थित परीक्षा केंद्र पर जा धमके। कप्तान के इस औचक निरीक्षण से केंद्र पर मुस्तैद अधिकारियों और कर्मचारियों में खलबली मच गई।
एसएसपी अनुराग आर्य ने ग्राउंड जीरो पर चल रहे दस्तावेज सत्यापन और शारीरिक मानक परीक्षण का बेहद बारीकी से अवलोकन किया। जैसा कि इस प्रशासनिक जांच-पड़ताल की जारी संयुक्त तस्वीर में साफ तौर पर देखा जा सकता है, दो अलग-अलग पैनलों और कोणों से पूरी व्यवस्था को कैमरे में कैद किया गया है।
तस्वीर के ऊपरी हिस्से में कप्तान अनुराग आर्य बायोमेट्रिक्स स्थल (पैनल 2) पर तैनात अन्य राजपत्रित अधिकारियों से तकनीकी प्रणालियों के बारे में इनपुट लेते नजर आ रहे हैं, जबकि निचले हिस्से में वह शारीरिक माप-तौल कक्ष की ऊंचाई और सीने की माप के लिए लगाए गए उपकरणों तथा मानकों को ऊपर की ओर देखकर खुद वेरीफाई कर रहे हैं। उनके इस तेवर ने यह साफ संदेश दे दिया कि भर्ती प्रक्रिया में जरा सी भी तकनीकी या मानवीय त्रुटि अक्षम्य होगी।
निरीक्षण के दौरान एसएसपी ने अभ्यर्थियों के ओरिजिनल डॉक्यूमेंट्स के मिलान की प्रक्रिया को देखा और निर्देश दिया कि दूर-दराज से आए युवाओं को किसी भी तरह की प्रशासनिक असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा:
"उत्तर प्रदेश सरकार और पुलिस भर्ती बोर्ड की मंशा पूरी तरह साफ है। प्रत्येक चरण को पूरी निष्पक्षता और निर्धारित मानकों के अनुरूप ही संपन्न कराया जाए। बायोमेट्रिक्स और डिजिटल माप-तौल में पूर्ण पारदर्शिता रखी जाए ताकि किसी भी योग्य अभ्यर्थी के हक पर डाका न पड़ सके।"
पुलिस प्रशासन के अनुसार, इस बार दरोगा भर्ती के इस पड़ाव को पूरी तरह टेक्निकल और मानवीय हस्तक्षेप से मुक्त रखने के लिए आधुनिक सॉफ्टवेयर का उपयोग किया जा रहा है। अभ्यर्थियों की एंट्री से लेकर उनकी दौड़ और शारीरिक माप की हर एक गतिविधि सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में रिकॉर्ड की जा रही है।
एसएसपी अनुराग आर्य ने परिसर के बाहर सुरक्षा व्यवस्था और अभ्यर्थियों की सुविधाओं (जैसे पीने के पानी और बैठने की व्यवस्था) का भी जायजा लिया। इस निरीक्षण के दौरान उनके साथ भर्ती प्रक्रिया से जुड़े नोडल अधिकारी और रिजर्व पुलिस लाइन्स के प्रतिसार निरीक्षक सहित भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा।