निवेश के नाम पर विश्वास की लूट
बरेली में कैनविज ग्रुप और अमर ज्योति कंपनी ने निवेश के नाम पर सैकड़ों लोगों को ठगा; पुलिस अब तक फरार आरोपियों को पकड़ने में नाकाम।
➡️ निवेश के नाम पर सैकड़ों लोगों को ठगी का शिकार
➡️ कैनविज ग्रुप MD कन्हैया गुलाटी फरार, संपत्तियां बेचकर भागे
➡️ अमर ज्योति कंपनी निदेशक शशिकांत मौर्य पर गंभीर आरोप
➡️ केवल भांजा अरविंद मौर्य गिरफ्तार, बाकी आरोपी फरार
➡️ पुलिस की कमजोर कार्रवाई से पीड़ितों की मुश्किलें बढ़ीं
जन माध्यम। बरेली।
मेहनत की कमाई से बेहतर ज़िंदगी का सपना देखने वाले सैकड़ों लोगों के सपने उस वक्त चकनाचूर हो गए, जब निवेश के नाम पर उन्हें ठगी का शिकार बना लिया गया। कैनविज ग्रुप और अमर ज्योति कंपनी के खिलाफ दर्ज होती जा रही एफआईआर इस बात की गवाही दे रही हैं कि कैसे भरोसे, रिश्तों और लालच का इस्तेमाल कर लोगों को ठगा गया। बीते एक साल से एफआईआर का सिलसिला जारी है, लेकिन अब तक पुलिस के हाथ ठोस कामयाबी नहीं लग पाई है।
कैनविज कंपनी के एमडी कन्हैया गुलाटी और उनके सहयोगियों के खिलाफ बरेली समेत कई जनपदों में मुकदमे दर्ज हैं। हालात यह हैं कि शायद ही कोई दिन ऐसा जाता हो, जब कोई नया पीड़ित थाने न पहुंचता हो। लोगों का आरोप है कि ऊँचे मुनाफे का झांसा देकर उनसे लाखों करोड़ों रुपये ऐंठ लिए गए। चर्चा है कि कन्हैया गुलाटी देश छोड़कर फरार हो चुका है, हालांकि पुलिस के पास अभी इसका पुख्ता प्रमाण नहीं है। मामले के खुलासे के लिए एसपी ट्रैफिक अकमल खान को जिम्मेदारी सौंपी गई, कन्हैया गुलाटी बेहद चालाकी से बरेली में अपनी संपत्तियां और संस्थान बेचकर निकल गया। अब प्रशासन संपत्ति से वसूली की बात कर रहा है, लेकिन सवाल यह है कि जब शहर में कोई संपत्ति बची ही नहीं, तो वसूली किससे होगी। दूसरी ओर अमर ज्योति कंपनी के निदेशक शशिकांत मौर्य पर भी गंभीर आरोप हैं। पीड़ितों का कहना है कि भाई से लेकर परिवार के अन्य सदस्यों तक ने निवेश के नाम पर लोगों को नहीं बख्शा। पड़ोसी तक ठगे गए। फिलहाल इस गैंग का अधिकांश हिस्सा फरार है, पुलिस केवल शशिकांत के भांजे अरविंद मौर्य को ही गिरफ्तार कर सकी है।
सबसे दर्दनाक पहलू यह है कि ये मामले नए नहीं थे। फरियादी पहले भी पुलिस के पास आते रहे, लेकिन उन्हें टाल दिया गया। अगर वक्त रहते सख्त कार्रवाई होती, तो शायद आज हालात कुछ और होते। अब पीड़ितों की आंखें पुलिस की ओर टिकी हैं उन्हें अपने लुटे हुए भरोसे और मेहनत की कमाई की वापसी का इंतज़ार है।