अतिक्रमण पर चला बुलडोजर, भागे कब्जाधारी
जिला अस्पताल रोड पर नगर निगम की सख्ती, अवैध कब्जे हटे, सामान जब्त और जुर्माना वसूली—ट्रैफिक और मरीजों को राहत।
➡️ नावेल्टी चौराहे से अस्पताल गेट तक चला अभियान
➡️ अवैध रेहड़ी-पटरी और अस्थायी दुकानें हटाईं
➡️ बुलडोजर कार्रवाई से सड़क चौड़ी, ट्रैफिक को राहत
➡️ सामान जब्त कर 19 हजार रुपये का जुर्माना वसूला
➡️ दोबारा कब्जा करने पर एफआईआर की चेतावनी
नावेल्टी चौराहे से अस्पताल गेट तक चला अभियान, अवैध दुकानों में मची भगदड़, ट्रैफिक को मिली राहत
डेस्क/ जन माध्यम
बरेली। शहर की सबसे व्यस्त और संवेदनशील सड़कों में शामिल जिला अस्पताल रोड पर गुरुवार को जैसे ही नगर निगम का बुलडोजर गरजा, पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। सड़क किनारे वर्षों से जमे अवैध कब्जों पर कार्रवाई होते देख दुकानदारों में हड़कंप मच गया। कपड़े, जूते-चप्पल और रोजमर्रा के सामान समेटते हुए लोग इधर-उधर भागते नजर आए। कुछ ही मिनटों में सड़क का चेहरा पूरी तरह बदल गया।
नगर निगम की प्रवर्तन टीम ने नावेल्टी चौराहे से लेकर जिला अस्पताल गेट तक सख्त अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाया। सड़क के दोनों ओर लगीं रेहड़ियां, ठेले और अस्थायी दुकानें हटाई गईं। बुलडोजर की कार्रवाई के बाद सड़क चौड़ी हुई और घंटों से रेंगता ट्रैफिक अचानक रफ्तार पकड़ता दिखाई दिया। राहगीरों और मरीजों ने राहत की सांस ली।
बृहस्पत बाजार बना था मुसीबत
जिला अस्पताल रोड पर कपड़ों और जूते-चप्पलों का अस्थायी बाजार लगना आम बात थी। ऊपर से बृहस्पत बाजार के दिन हालात और बदतर हो जाते थे। दुकानों के सड़क तक फैल जाने से पैदल चलने की जगह तक नहीं बचती थी। एम्बुलेंस तक जाम में फंस जाती थी, जिससे मरीजों की जान पर बन आती थी।
नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने साफ कहा कि यह पहली कार्रवाई नहीं है। पहले भी कई बार अतिक्रमण हटाया गया, लेकिन कुछ ही दिनों में फिर वही कब्जे लौट आते हैं। इसी मनमानी के चलते निगम को बार-बार सख्ती करनी पड़ रही है।
सामान जब्त, 19 हजार का जुर्माना
अभियान के दौरान कई रेहड़ी-पटरी वालों का सामान जब्त किया गया और नियम तोड़ने वालों से मौके पर ही जुर्माना वसूला गया। कुल 19 हजार रुपये की वसूली कर निगम ने स्पष्ट संदेश दे दिया—अब ढिलाई नहीं चलेगी।
नगर निगम ने दो टूक ऐलान किया है कि चेतावनी के बाद भी अगर जिला अस्पताल रोड पर दोबारा अतिक्रमण किया गया, तो सीधे एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
अधिकारियों का साफ कहना है—
अस्पताल रोड हर हाल में खाली और जाममुक्त रहेगी, ताकि मरीजों और एम्बुलेंस को किसी भी तरह की परेशानी न हो।