फर्जी ट्रेडिंग ऐप से 49 लाख की ठगी करने वाला देहरादून से गिरफ्तार
फर्जी एसएमसी ब्रोकिंग ऐप बनाकर 49 लाख रुपये की ठगी करने वाले शातिर सचिन को साइबर पुलिस ने देहरादून से दबोचा। 31 लाख रुपये होल्ड।
साइबर थाना पुलिस ने शेयर मार्केट में निवेश के नाम पर 49 लाख रुपये की ठगी करने वाले मुख्य आरोपी को दबोचा।
पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तकनीकी सर्विलांस के आधार पर आरोपी सचिन को देहरादून से किया गिरफ्तार।
शातिर अपराधी के बैंक खातों की जांच कर ठगी की रकम में से 31 लाख रुपये को पुलिस ने कराया होल्ड।
आरोपी के पास से वारदात में इस्तेमाल 1 लैपटॉप, 8 डेबिट कार्ड, 8 चेकबुक, मोहरें और राउटर सहित भारी सामान बरामद।
सैय्यद शहाबुद्दीन / जन माध्यम
बरेली। शेयर मार्केट में एल्गो ट्रेडिंग के जरिए मोटा मुनाफा कमाने का झांसा देकर 49.43 लाख रुपये की बड़ी साइबर ठगी करने वाले गिरोह के खिलाफ बरेली साइबर क्राइम थाना पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) के कड़े निर्देशों पर काम कर रही साइबर टीम ने इस ठगी नेटवर्क के मुख्य मास्टरमाइंड सचिन कुमार को उत्तराखंड के देहरादून से सफलतापूर्वक गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस से प्राप्त आधिकारिक विवरण के अनुसार, 8 जून 2026 को रोयल पार्क डेंटल कॉलेज निवासी आलोक दूबे ने साइबर थाने में एक लिखित तहरीर दी थी। पीड़ित को एक अज्ञात नंबर से कॉल आई थी, जिसमें उन्हें एक फर्जी एसएमसी ब्रोकिंग ऐप डाउनलोड कराकर केवाईसी प्रक्रिया पूरी करने को कहा गया। इसके बाद 16 जनवरी 2026 से 30 अप्रैल 2026 के बीच करीब 20 अलग-अलग ट्रांजेक्शन के माध्यम से पीड़ित से कुल 49,43,898 रुपये जमा करवा लिए गए। इसके बाद 15% कमीशन और 18% जीएसटी के नाम पर अतिरिक्त पैसों की मांग की जाने लगी। जब पीड़ित ने अपने पैसे वापस मांगे, तो ऐप अपडेट और ऑडिट का बहाना बनाकर टालमटोल शुरू कर दी गई।
शिकायत मिलते ही एसपी क्राइम के मार्गदर्शन में थाना साइबर क्राइम में मुकदमा अपराध संख्या 33/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4) और 66डी आईटी एक्ट में मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने तकनीकी विश्लेषण के आधार पर त्वरित कार्रवाई करते हुए ठगी के बैंक खातों में मौजूद 31 लाख रुपये की राशि को तत्काल लीन/होल्ड करा दिया। इसके बाद मुखबिर और तकनीकी सर्विलांस की मदद से 12 जून 2026 को देहरादून के सहस्त्रधारा रोड स्थित विश्वनाथ एन्क्लेव से आरोपी सचिन कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया।
पूछताछ में आरोपी सचिन ने खुलासा किया कि उसने एसएमसी ब्रोकिंग और स्टार्ट इन्वेस्टमेंट नाम से हूबहू दिखने वाली 2 फर्जी वेबसाइट और वेबलिंक तैयार किए थे। वह लोगों को जाल में फंसाकर फर्जी फर्म के खातों में पैसे ट्रांसफर करवाता था और रकम बड़ी होते ही उनकी आईडी ब्लॉक कर देता था। पकड़े जाने से बचने के लिए वह फर्जी रेंट एग्रीमेंट के जरिए सरकारी पहचान पत्रों के पते भी बदलवा लेता था। ठगी के पैसों को वह ऑनलाइन ट्रेडिंग ऐप के माध्यम से क्रिप्टो करेंसी (यूएसडीटी) में बदलकर हवाला के जरिए कैश निकालता था।
आरोपी के खिलाफ पूर्व की धाराओं के साथ अब बीएनएस की धारा 336(3), 340(2) और 61(2) की बढ़ोतरी की गई है। इस सफल कार्रवाई को अंजाम देने वाली टीम में साइबर थाना प्रभारी निरीक्षक धनंजय कुमार पाण्डेय, उपनिरीक्षक गुरमीत तोमर, सौरव तोमर, कपिल राघव, मुख्य आरक्षी हरेन्द्र कुमार, धीरज कुमार, हर्षित वर्मा और आरक्षी विवेक कुमार शामिल रहे।