कमिश्नर की नज़र ऊपर से नीचे तक
बरेली में मंडलायुक्त भूपेन्द्र एस. चौधरी ने समीक्षा बैठक में कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, परिवहन समेत सभी विभागों को योजनाएं जमीन पर उतारने और लापरवाही पर सख़्त कार्रवाई के निर्देश दिए।
➡️ कमिश्नर भूपेन्द्र एस. चौधरी की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक
➡️ योजनाओं में लापरवाही पर सख़्त चेतावनी
➡️ सब्सिडी वाली यूरिया के दुरुपयोग पर पैनी निगाह
➡️ किसानों के हक़ से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं
➡️ 89% धान खरीद, शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई के निर्देश
➡️ छात्रवृत्ति समय से देने के आदेश
➡️ स्वास्थ्य सेवाओं व टीकाकरण की गहन समीक्षा
➡️ आयुष्मान कार्ड में प्रगति तेज़ करने के निर्देश
➡️ बोगस फर्मों पर कार्रवाई, ओवररेटिंग पर रोक
➡️ परिवहन विभाग को प्रवर्तन तेज़ करने के निर्देश
जन माध्यम। बरेली।
कमिश्नर भूपेन्द्र एस.चौधरी की अध्यक्षता में सोमवार को विकास भवन स्थित सभागार में मण्डलीय समीक्षा बैठक सम्पन्न हुई। बैठक का उद्देश्य मण्डल के विभिन्न विभागों की प्रगति की गहन समीक्षा करते हुए शासन की योजनाओं को ज़मीनी स्तर पर प्रभावी बनाना रहा। कमिश्नर ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जनहित से जुड़ी योजनाओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक की शुरुआत कृषि विभाग की समीक्षा से हुई। फार्मर रजिस्ट्री और उर्वरकों की उपलब्धता पर चर्चा करते हुए संयुक्त निदेशक कृषि ने बताया कि फिलहाल उर्वरक की कोई कमी नहीं है। इस दौरान कमिश्नर ने रियायती दरों पर मिलने वाली यूरिया के दुरुपयोग की आशंका जताई और निर्देश दिए कि यह सुनिश्चित किया जाए कि सब्सिडी वाली यूरिया का उपयोग किसी औद्योगिक कार्य में न हो। उन्होंने कहा कि किसानों के हक़ का दुरुपयोग सीधे तौर पर अपराध है और इसकी सघन जांच होनी चाहिए। धान खरीद की समीक्षा में बताया गया कि 27 दिसम्बर तक मण्डल में लक्ष्य का लगभग 89 प्रतिशत धान क्रय हो चुका है। बरेली, बदायूं, शाहजहांपुर और पीलीभीत में कुल 6.08 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान की खरीद हुई है। हालांकि कमिश्नर ने किसानों से धान न खरीदे जाने की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए निर्देश दिए कि किसी भी किसान को बहाने बनाकर लौटाया न जाए।
समाज कल्याण विभाग की समीक्षा में छात्रवृत्ति योजनाओं की प्रगति पर चर्चा हुई। आय सीमा, डाटा लॉक करने और धनराशि अंतरण की समय सीमा की जानकारी दी गई। कमिश्नर ने निर्देश दिए कि पात्र छात्रों को समय से छात्रवृत्ति मिले, इसमें किसी भी प्रकार की देरी न हो।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान चिकित्सकों की उपलब्धता, संस्थागत प्रसव, टीकाकरण और अग्नि सुरक्षा की स्थिति पर विस्तार से चर्चा हुई। कम डिलिवरी वाले क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देने और चिकित्सा केंद्रों को अधिक सक्रिय बनाने के निर्देश दिए गए। नियमित टीकाकरण में मण्डल की प्रगति संतोषजनक पाई गई, जबकि आयुष्मान कार्ड निर्माण में बदायूं को गति बढ़ाने के निर्देश दिए गए।
पीएम एबीएचआईएम, शहरी आरोग्य मंदिर, दवाओं की उपलब्धता और सफल प्रसव केंद्रों की सराहना करते हुए कमिश्नर ने कहा कि अच्छी कार्यप्रणाली को अन्य स्थानों पर भी अपनाया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री कम्पोजिट स्कूल, युवा उद्यमी विकास अभियान योजना, नई सड़कों, सेतुओं और नहरों की सिल्ट सफाई की भी समीक्षा की गई। कर करेत्तर समीक्षा में बरेली जोन के प्रदेश में प्रथम स्थान पर रहने पर संतोष जताया गया। वहीं बोगस फर्मों पर सख़्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए। आबकारी विभाग को ओवर रेटिंग रोकने और परिवहन विभाग को प्रवर्तन कार्य तेज़ करने को कहा गया। राजस्व वादों के शीघ्र निस्तारण पर ज़ोर दिया गया।
बैठक में संयुक्त विकास आयुक्त देवेन्द्र प्रताप, अपर आयुक्त प्रीति जायसवाल, डीएम बरेली अविनाश सिंह सहित मण्डल के सभी वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित