फाईक एन्क्लेव में अब बुलडोजर की बारी, अफसर की कोठी पर भी उठे सवाल
बीडीए का अगला निशाना फाईक एन्क्लेव, आरिफ हुसैन की 15-16 दुकानें ढहाईं, अब अफसर की मुफ्त कोठी पर बुलडोजर की तलवार।
➡️ फाईक एन्क्लेव अब बुलडोजर की जद में
➡️ आरिफ हुसैन की 15-16 दुकानें जमींदोज
➡️ वरिष्ठ अफसर की कोठी पर गंभीर सवाल
➡️ मुफ्त कोठी देकर मिली थी अवैध निर्माण में छूट?
➡️ नोटिस के बाद भी दस्तावेज नहीं, पूरा एन्क्लेव ढहाया जाएगा
➡️ बीडीए उपाध्यक्ष: कोई समझौता नहीं
हसीन दानिश/ जन माध्यम
बरेली। बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) के बुलडोजर ने अवैध निर्माण के खिलाफ जो सिलसिला शुरू किया है, उसकी अगली बड़ी मंजिल फाईक एन्क्लेव होने जा रही है। पिछले दो दिनों में आरिफ हुसैन की दो मल्टी-स्टोरी अवैध कमर्शियल मार्केट समेत 15-16 दुकानें और अन्य व्यावसायिक ढांचे जमींदोज कर दिए गए हैं। अब सूत्रों का दावा है कि फाईक एन्क्लेव में एक वरिष्ठ अफसर की कोठी भी है, जिसे कथित तौर पर आरिफ ने मुफ्त में उपलब्ध कराया था और बदले में वर्षों तक अवैध निर्माण पर आंखें मूंदी गईं।
बीडीए ने स्पष्ट कर दिया है कि नोटिस के बावजूद यदि फाईक एन्क्लेव के मालिकों ने मानचित्र और स्वीकृति के दस्तावेज जमा नहीं किए तो आने वाले दिनों में यहां बड़े पैमाने पर ध्वस्तीकरण अभियान चलेगा।
बीते दो दिनों में बीडीए ने जिस तेजी और सख्ती से कार्रवाई की, उसने सभी को चौंकाया है।
- आरिफ हुसैन की 15-16 दुकानों वाली दो मंजिला अवैध मार्केट पूरी तरह ढहा दी गई।
- अन्य व्यावसायिक ढांचे भी जमींदोज किए गए।
कार्रवाई के दौरान भारी पुलिस बल तैनात रहा, धारा 144 लागू की गई और यातायात को पूरी तरह नियंत्रित किया गया।
बीडीए उपाध्यक्ष डॉ. ए. मनिकंडन ने साफ कहा है, यह कार्रवाई पूरी तरह कानून सम्मत है। अवैध निर्माण के साथ कोई समझौता नहीं होगा। जो भी गैर-कानूनी ढांचा है, वह बचने वाला नहीं है।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार फाईक एन्क्लेव में बड़े पैमाने पर अवैध निर्माण हुआ है। कई प्लॉट मालिकों को पहले ही नोटिस थमा दिए गए हैं। यदि निर्धारित समय में स्वीकृत मानचित्र और अन्य जरूरी दस्तावेज जमा नहीं हुए तो पूरा एन्क्लेव ही बुलडोजर की जद में आ जाएगा।
सूत्रों का यह भी दावा है कि इसी एन्क्लेव में एक प्रभावशाली अफसर की कोठी है जिसे आरिफ ने मुफ्त में उपलब्ध कराने जैसी सुविधा दी थी। बदले में उस अफसर ने वर्षों तक अवैध निर्माण पर नरमी बरती। हालांकि अभी तक इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
प्रशासनिक हलकों में इसे राजधानी में अवैध निर्माण के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा और निर्णायक अभियान माना जा रहा है। आने वाले दिन बताएंगे कि बुलडोजर की यह रफ्तार कब तक और कहां तक चलती है।