पंद्रह साल बाद चला बुलडोज़र

बरेली में बीडीए और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई, 15 साल पुराने दो अवैध बारातघर ढहे।

पंद्रह साल बाद चला बुलडोज़र
HIGHLIGHTS:

➡️ बीडीए और पुलिस का संयुक्त ऑपरेशन, दो अवैध बारातघर ढहे
➡️ 15 साल पुराने आदेश को लागू कर प्रशासन ने दिखाई सख्ती
➡️ भावनाएँ उमड़ीं, भीड़ जुटी, लेकिन कानून के आगे कोई दलील नहीं चली
➡️ पीएसी और पुलिस बल ने सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण सुनिश्चित किया
➡️ पुराने शहर में कारोबारियों और कॉलोनाइज़रों में बढ़ा सतर्कता का संदेश

बीडीए पुलिस का संयुक्त एक्शन सूफीटोला के दो अवैध बारातघर ढहे

जन माध्यम
बरेली।
26 सितंबर के बवाल के बाद प्रशासन की सख्ती  और तेज हो गई है जमीन पर प्रभावी रूप से दिख रही है। मंगलवार की सुबह सूफीटोला इलाका पुलिस छावनी में तब्दील रहा। भारी पुलिस बल और पीएसी की मौजूदगी में बीडीए की टीम ने सपा नेता आज़म खान के रिश्तेदार सरफराज़ वली खान के दो बारातघरों एवान-ए-फरहत और गुड मैरिज हॉल पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की। यह ऑपरेशन प्रशासन के उस रवैये को दर्शाता है जिसमें अवैध निर्माणों पर कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जा रही है। जैसे ही प्रथम बुलडोज़र एवान-ए-फरहत के मुख्य द्वार पर पहुँचा, कई महिलाएँ भावुक होकर रोने लगीं। गुड मैरिज हॉल की पहली मंजिल पर रहने वाली आरफ़ा खान ने मीडिया के सामने चिंता जताई कि वे वर्षों से वहीं रह रही हैं और अचानक हटाया जाना कठिन है।
प्रशासन ने उनकी बातें सुनीं, लेकिन स्पष्ट किया कि सभी कानूनी प्रक्रिया, नोटिस और आदेश पहले ही जारी किए गए थे, इसलिए कार्रवाई रोकने का कोई आधार नहीं है। टीम ने पहले परिसर खाली कराया और फिर सुरक्षित तरीके से ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया शुरू की।इन दोनों बारातघरों को बीडीए ने 12 अक्टूबर 2011 को ही अवैध घोषित कर दिया था। उस समय आदेश जारी हुआ था कि बिना मानचित्र स्वीकृति के खड़े इन निर्माणों को गिराया जाए। हालांकि कार्रवाई वर्षों तक स्थगित रही और फाइलों में दबकर रह गई। लेकिन 26 सितंबर की घटना के बाद जब क्षेत्र के कई अवैध निर्माणों की भूमिका जांच के दायरे में आई, तब बीडीए ने दस्तावेज दोबारा खंगाले और तय किया कि पुराने आदेश को लागू किया जाएगा। सोशल मीडिया पर नोटिस के वायरल होने के बाद से ही इलाके में हलचल थी। सुबह 9 बजे से बीडीए टीम मौके पर मौजूद थी, लेकिन पुलिस फोर्स का इंतजार होने के कारण कार्रवाई दोपहर तक टली रही। जैसे ही पर्याप्त पुलिस बल पहुँचा,ऑपरेशन शुरू हुआ। पुलिस बल ने पूरे क्षेत्र को घेरकर सुरक्षा सुनिश्चित की। पीएसी ने भीड़ नियंत्रण की कमान संभाली।
बीडीए की तकनीकी टीम ने संरचनाओं को चरणबद्ध तरीके से तोड़ा, ताकि कोई दुर्घटना न हो।
अधिशासी अभियंता धर्मवीर सिंह चौहान ने बताया ये इमारतें बिना मानचित्र स्वीकृति के बनी थीं। नोटिस पहले ही दिए गए थे। आज वही आदेश लागू किया जा रहा है।
बंडिया, विधौलिया, तिलियापुर और किला क्षेत्रों में भी कई अवैध बारातघर, मार्केट और कॉम्प्लेक्स जांच के दायरे में हैं। प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद पुराने शहर में कारोबारी वर्ग और कॉलोनाइज़रों में सतर्कता बढ़ गई है। बीडीए का यह संदेश साफ़ है कि अवैध निर्माण कितने भी पुराने क्यों न हों, यदि नियमों के विरुद्ध खड़े हैं तो कार्रवाई निश्चित है।