मुठभेड़ में खुला गोवध कांड का राज
बरेली के नवाबगंज में पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार कर गोवंश वध प्रकरण का खुलासा किया एक अभियुक्त घायल हुआ
मुठभेड़ में तीन अभियुक्त गिरफ्तार
एक आरोपी के पैर में लगी गोली
उपनिरीक्षक भी हुए घायल
गोवध प्रकरण का हुआ खुलासा
जन माध्यम
बरेली। अंधेरे की आड़ में छिपे अपराध का सच आखिरकार सामने आ ही गया और कानून के हाथों से बचने की कोशिश नाकाम हो गई। नवाबगंज थाना पुलिस ने गोवंश वध के एक मामले का खुलासा करते हुए मुठभेड़ के दौरान तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के अनुसार 4 अप्रैल को ग्राम सतुईया कला के पास नहर किनारे गोवंशीय पशु के वध की सूचना पर मामला दर्ज किया गया था। इसके बाद से ही पुलिस लगातार आरोपियों की तलाश में जुटी हुई थी।
20 अप्रैल को सूचना मिली कि कुछ संदिग्ध व्यक्ति अलीनगर श्मशान घाट के आगे खजरा नहर पुलिया के पास गोकशी की फिराक में हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची, लेकिन पुलिस को देखते ही अभियुक्तों ने फायरिंग शुरू कर दी, जिसमें उपनिरीक्षक योगेंद्र सिंह घायल हो गए।
पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसमें एक अभियुक्त यासीन खां के पैर में गोली लगी। इसके बाद पुलिस ने यासीन खां, अफजल खां और अफजाल खां निवासी लभेड़ा थाना हाफिजगंज को गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई सुबह करीब 4 बजकर 45 मिनट पर हुई।
गिरफ्तार अभियुक्तों के पास से एक तमंचा 315 बोर, दो खोखा, एक जिंदा कारतूस और गोकशी में प्रयुक्त उपकरण बरामद किए गए हैं। साथ ही एक गोवंशीय पशु भी बरामद किया गया है। पूछताछ में अभियुक्तों ने 4 अप्रैल की घटना को अंजाम देना स्वीकार किया है।
घायल अभियुक्त और घायल पुलिसकर्मी को उपचार के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है। पुलिस द्वारा मामले में आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।