पीओके में हाहाकार: मौलाना बरेलवी ने यूएनओ से की दखल की मांग, कहा 100 की मौत
पीओके में पाकिस्तान फौज के जुल्म पर मौलाना बरेलवी ने नाराजगी जताई है। यूएनओ से दखल की मांग करते हुए कहा कि प्रदर्शनकारियों पर फायरिंग में 100 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है।
आल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रज़वी बरेलवी ने पाकिस्तान के जेरे इंतिजाम कश्मीर (पीओके) के मौजूदा हालात को बेहद चिंताजनक बताया है।
फौज की फायरिंग में 100 मौतें: मौलाना ने दावा किया कि महंगाई के खिलाफ शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रही निहत्थी आवाम पर पाकिस्तानी फौज ने सीधे गोलियां चलाईं, जिसमें अब तक 100 से ज्यादा बेकसूर लोग मारे जा चुके हैं।
मौलाना बरेलवी ने संयुक्त राष्ट्र की मानवाधिकार संस्थाओं से इस मामले में फौरन मुदाखिलत (दखल) करने और क्षेत्र का दौरा कर जमीनी हकीकत जानने की पुरजोर अपील की है।
महिलाओं-बच्चों पर जुल्म: मरने वालों में एक दर्जन से ज्यादा बच्चे और महिलाएं भी शामिल हैं, जिस पर मौलाना ने गहरी नाराजगी जताई है और पाक फौज की दमनकारी नीतियों की निंदा की है।
बरेली। पाकिस्तान के जेरे इंतिजाम कश्मीर (पीओके) में जारी भारी तनाव और वहां की जनता पर हो रहे जुल्म को लेकर आल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रज़वी बरेलवी ने गहरी चिंता व्यक्त की है। मौलाना ने पीओके की मौजूदा सूरते हाल को बेहद संगीन बताते हुए संयुक्त राष्ट्र (यूएनओ) और उसकी मानवाधिकार संस्थाओं से तत्काल हस्तक्षेप (दखल) करने की अपील की है।
मौलाना बरेलवी ने अपने आधिकारिक बयान में पाकिस्तान सरकार और उसकी फौज पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि पीओके की आवाम बढ़ते महंगाई के खिलाफ शांतिपूर्वक अपने अधिकारों के लिए धरना प्रदर्शन कर रही थी, जो दुनिया के हर नागरिक का बुनियादी हक है। मगर, पाकिस्तानी फौज ने न सिर्फ उनकी आवाज को दबाने की कोशिश की, बल्कि सीधे निहत्थे नागरिकों पर अंधाधुंध गोलियां बरसा दीं। मौलाना ने दावा किया कि उनके पास मौजूद जानकारी के मुताबिक, पाक फौज की गोलीबारी में अब तक पीओके के अलग-अलग हिस्सों में लगभग 100 बेकसूर लोगों की जानें जा चुकी हैं।
उन्होंने आगे कहा कि मरने वालों में एक दर्जन से ज्यादा बच्चे और महिलाएं भी शामिल हैं, जो पाक फौज की दमनकारी नीतियों और जुल्म व ज्यादती की इंतहा को दर्शाता है।
मौलाना बरेलवी ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयोग से विशेष तौर पर आग्रह किया है कि वे इस मामले में फौरी तौर पर कार्यवाही करें और क्षेत्र का दौरा करके जमीनी हकीकत का जायजा लें। उन्होंने कहा कि इंटरनेशनल संस्थाओं को इस मौजूदा सूरते हाल की निष्पक्ष जांच करनी चाहिए और वहां की जनता के मसाइल और मुश्किलात को फौरी तौर पर हल किया जाना चाहिए।
मौलाना ने विश्वजगत को पीओके के हालात से आगाह करने की अपील की है ताकि पाकिस्तानी फौज की दमनकारी नीतियों के चलते मारे जाने वाले बेकसूर लोगों के हालात का सही तौर पर अंदाजा हो सके। उन्होंने दोहराया कि निहत्थी आवाम पर फौज की गोलियां चलाना मानवाधिकारों का घोर उल्लंघन है और यूएनओ को इस पर सख्त रुख अपनाना चाहिए।