मथुरा समाचार: तैंतीस होटलों पर छापा, चौबीस को नोटिस और छह होंगे सील
मथुरा समाचार: सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर तैंतीस होटलों पर प्रशासनिक छापा। छह होटलों को सील करने और चौबीस को नोटिस देने की कार्रवाई।
सुरक्षा मानकों को ताक पर रखने वाले तैंतीस होटल और गेस्ट हाउसों पर प्रशासन का बड़ा छापा।
जांच के दौरान मात्र तीन ही संस्थान नियमों पर खरे उतरे, जबकि चौबीस प्रबंधकों को थमाया गया नोटिस।
गंभीर अनियमितताएं और अनापत्ति प्रमाण पत्र न मिलने पर छह व्यावसायिक परिसरों पर होगी सीलिंग की कार्रवाई।
प्रशासन ने कमियों को सुधारने के लिए प्रबंधकों को पंद्रह दिन की समय सीमा के साथ दी कड़ी चेतावनी।
श्याम बिहारी भारगव / जन माध्यम
मथुरा। देश की राजधानी दिल्ली के एक होटल में हुए अग्निकांड के बाद अब मथुरा जनपद का प्रशासनिक अमला भी पूरी तरह सतर्क हो गया है। जिले में बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन द्वारा विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में जिला मजिस्ट्रेट द्वारा गठित एक संयुक्त विशेष जांच दल ने शहर के धौली प्याऊ क्षेत्र में संचालित हो रहे होटल और गेस्ट हाउसों के सुरक्षा मानकों की सघन जांच की।
प्रशासनिक अधिकारियों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, विशेष टीम ने अचानक क्षेत्र के करीब तैंतीस होटल और गेस्ट हाउसों पर छापेमारी की कार्रवाई को अंजाम दिया। इस औचक निरीक्षण के दौरान सुरक्षा व्यवस्था की बेहद चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई है। पूरी जांच प्रक्रिया में केवल तीन संस्थान ही तय मानकों पर पूरी तरह सही पाए गए, जबकि शेष सभी जगहों पर सुरक्षा और नियमों की अनदेखी उजागर हुई है।
जांच दल के अनुसार, अधिकांश होटलों में जीवन रक्षा के लिए सबसे जरूरी अग्निशमन (फायर सेफ्टी) के पुख्ता इंतजाम नहीं मिले। इसके साथ ही सराय एक्ट, स्थानीय प्रशासन और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड समेत अन्य अनिवार्य विभागों की अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) भी मौके पर नहीं पाई गई। सुरक्षा में इतनी गंभीर लापरवाही मिलने पर टीम ने सख्त रुख अपनाते हुए चौबीस होटल और गेस्ट हाउस प्रबंधकों को पंद्रह दिन का चेतावनी नोटिस जारी किया है।
नगर मजिस्ट्रेट अनुपम मिश्र ने मामले की गंभीरता को स्पष्ट करते हुए बताया कि जिन संस्थानों में नियमों का भारी उल्लंघन मिला है, उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा रही है। इसके तहत छह होटलों पर सीलिंग की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नोटिस पाने वाले प्रबंधकों को तय समय सीमा के भीतर सभी जरूरी दस्तावेज और कमियां दुरुस्त करनी होंगी, अन्यथा उनके खिलाफ भी सख्त कदम उठाए जाएंगे। प्रशासन का यह चेकिंग अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा।