बरेली: पुराने शहर में आंधी-बारिश से भारी तबाही; 11 हजार की लाइन पर गिरा पेड़
बरेली के पुराने शहर में आंधी और बारिश ने जमकर कहर बरपाया। जगतपुर गोटिया में जलभराव से घरों में पानी घुस गया, वहीं काका टोला चौकी के पास 11 KV लाइन पर पेड़ गिरने से घंटों बिजली गुल रही।
काका टोला चौकी के पास एक विशाल पेड़ अचानक टूटकर 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन पर गिर गया, जिससे बिजली के तार टूट गए।
घंटों तक बिजली आपूर्ति ठप रहने के कारण नलकूप बंद हो गए, जिससे पूरे इलाके में पानी की किल्लत खड़ी हो गई है।
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि घंटों बीतने और सूचना देने के बाद भी जगतपुर और सदाना बिजलीघर का कोई कर्मचारी सुध लेने नहीं पहुंचा।
सैय्यद शहाबुद्दीन/जन माध्यम
बरेली। उत्तर प्रदेश के बरेली जनपद में लगातार आ रहे चक्रवाती आंधी-तूफान और मूसलाधार बारिश ने नगर निगम और बिजली विभाग की मानसून पूर्व तैयारियों की पूरी तरह पोल खोलकर रख दी है। गुरुवार की रात आए भीषण तूफान ने पुराने शहर के कई इलाकों को अपनी चपेट में ले लिया। तेज हवाओं के कारण जहां कई स्थानों पर पेड़ उखड़ गए, वहीं जल निकासी ठप होने से रिहायशी बस्तियों में नाले का गंदा पानी और बारिश का पानी एक साथ जमा हो गया, जिससे स्थानीय जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है।
स्थानीय निवासियों से मिली जानकारी के मुताबिक, पुराने शहर के जगतपुर गोटिया समेत कई निचले इलाकों में आंधी के साथ हुई तेज बारिश के बाद सड़कों ने तालाब का रूप अख्तियार कर लिया। देखते ही देखते गंदा पानी लोगों के घरों के भीतर तक घुस गया, जिससे घरेलू सामान पूरी तरह भीगकर बर्बाद हो गया। देर रात तक लोग अपने घरों से पानी निकालने की जद्दोजहद में जुटे रहे। जलभराव के चलते लोगों का घरों से बाहर निकलना भी दूभर हो गया है।
इस प्राकृतिक आपदा का सबसे बड़ा असर काका टोला क्षेत्र में देखने को मिला। यहाँ काका टोला पुलिस चौकी के समीप लगा एक भारी-भरकम पेड़ तेज आंधी के झोंकों को बर्दाश्त नहीं कर सका और सीधे मुख्य सड़क से गुजर रही 11 हजार वोल्ट (11 KV) की हाईटेंशन बिजली लाइन पर जा गिरा। पेड़ गिरने की आवाज के साथ ही पूरे इलाके में तेज चिंगारियां उठीं और विद्युत आपूर्ति पूरी तरह जमींदोज हो गई।
क्षेत्रवासियों में जिला प्रशासन और विद्युत उपकेंद्र के खिलाफ भारी आक्रोश सुलग रहा है। लोगों का आरोप है कि घटना के तुरंत बाद ही जगतपुर और सदाना बिजलीघर को फोन और अन्य माध्यमों से लगातार सूचना दी गई, लेकिन घंटों बीत जाने के बाद भी विभाग का कोई भी लाइनमैन या जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा।
गहन अंधकार में डूबे इस पूरे क्षेत्र में बिजली न होने के कारण सुबह सरकारी व निजी नलकूप (समरसेबल पंप) पूरी तरह बंद रहे, जिससे हजारों परिवारों के सामने गंभीर पेयजल संकट खड़ा हो गया है। पीने के पानी के अभाव में लोगों को दैनिक कार्यों और भोजन पकाने में अत्यधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय नागरिकों ने जिलाधिकारी और नगर आयुक्त से मांग की है कि युद्धस्तर पर अभियान चलाकर पेड़ को हटवाया जाए, बिजली सुचारू की जाए और जलभराव वाले क्षेत्रों से पंपिंग सेट लगाकर पानी की निकासी सुनिश्चित की जाए।