बरेली: देवरनिया पुलिस पर अटल संकल्प पार्टी के गंभीर आरोप
बरेली में अतल संकल्प पार्टी ने एसएसपी को ज्ञापन सौंपकर देवरनिया पुलिस और सी बहेड़ी पर पक्षपात का आरोप लगाया है। पार्टी ने अधिकारियों को निलंबित करने और दर्ज मुकदमा निरस्त करने की मांग की है।
कार्रवाई की मांग: अतल संकल्प पार्टी ने CO बहेड़ी, देवरनिया थाना प्रभारी और दरोगा सुनील कुमार को तुरंत सस्पेंड करने की मांग उठाई।
फर्जी मुकदमे का आरोप: पुलिस द्वारा मृतक के परिजनों व पार्टी कार्यकर्ताओं पर दर्ज मुकदमा अपराध संख्या 230/26 को पूरी तरह निराधार बताकर निरस्त करने की मांग।
गोपनीयता का हनन: सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और युवा मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष के पीआरओ का मोबाइल फोन जबरन छीनने पर जताया कड़ा विरोध।
हसीन दानिश / जन माध्यम
बरेली। उत्तर प्रदेश के बरेली जनपद अंतर्गत देवरनिया थाना पुलिस और बहेड़ी सर्किल के प्रशासनिक अमले की कार्यप्रणाली के खिलाफ राजनीतिक गलियारों में आक्रोश भड़क गया है। 'अतल संकल्प पार्टी' के शीर्ष पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बरेली से मुलाकात कर एक तीखा शिकायती ज्ञापन सौंपा है। पार्टी ने देवरनिया पुलिस और स्थानीय क्षेत्राधिकारी पर संगीन आरोप लगाते हुए नागरिक अधिकारों के दमन और खाकी के दुरुपयोग का दावा किया है।
एसएसपी को सौंपे गए शिकायती पत्र में आरोप लगाया गया है कि देवरनिया थाना क्षेत्र में हुई एक घटना के बाद सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में क्षेत्राधिकारी बहेड़ी द्वारा की गई कथित अमर्यादित टिप्पणी पुलिस महकमे की निष्पक्षता पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाती है। इसके अतिरिक्त, अतल संकल्प पार्टी के पदाधिकारियों ने गंभीर आरोप मढ़ते हुए कहा कि मौके पर कवरेज या शांति व्यवस्था के दौरान प्रदेश अध्यक्ष (युवा मोर्चा) के पीआरओ का मोबाइल फोन पुलिसकर्मियों द्वारा जबरन छीन लिया गया। यह कृत्य सीधे तौर पर व्यक्तिगत गोपनीयता और नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों का खुला उल्लंघन है।
पार्टी नेतृत्व का कहना है कि देवरनिया पुलिस ने अपनी कमियों और जमीनी विवाद की निष्पक्ष जांच कराने के बजाय उल्टा पीड़ित पक्ष पर ही दबाव बनाना शुरू कर दिया है। इसी के तहत पुलिस प्रशासन ने आनन-फानन में मृतक के असहाय परिजनों और मौके पर सहानुभूति जताने पहुंचे पार्टी कार्यकर्ताओं के खिलाफ देवरनिया थाने में मुकदमा अपराध संख्या 230/26 दर्ज कर दिया। ज्ञापन में इस मुकदमे को पूरी तरह से आधारहीन, मनगढ़ंत और द्वेषपूर्ण बताते हुए इसे तत्काल प्रभाव से निरस्त करने की पुरजोर मांग की गई है।
पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाने वाले बहेड़ी, देवरनिया थाना प्रभारी और उपनिरीक्षक सुनील कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाए।
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पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच स्थानीय पुलिस से हटाकर जनपद के बाहर के किसी अन्य निष्पक्ष वरिष्ठ पुलिस अधिकारी को सौंपी जाए।
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कार्यकर्ताओं व पीड़ितों पर दर्ज फर्जी मुकदमे को तत्काल वापस किया जाए।
पार्टी पदाधिकारियों ने दो टूक शब्दों में जिला प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि इन न्यायोचित मांगों पर शीघ्र और पारदर्शी कार्रवाई सुनिश्चित नहीं की गई, तो पार्टी सड़कों पर उतरकर पूरी तरह लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से उग्र आंदोलन करने को विवश होगी, जिसकी समस्त आर्थिक व कानून-व्यवस्था संबंधी जिम्मेदारी स्वयं बरेली पुलिस प्रशासन की होगी।